जामुड़िया : ईसीएल रेल एवं अन्य सरकारी संस्थानों द्वारा विकास के नाम पर पिछड़े एवं गरीबों की घरों को उजाड़ दिया जा रहा है, इसके खिलाफ आगामी 29 दिसंबर को आसनसोल में पिछड़े, आदिवासियों के सम्मान के लिए एक विशाल रैली निकाली जाएगी, जिसे सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न इलाकों में रैली एवं सभा की जाएगी. इसी क्रम में रविवार को पिछड़े दलितों एवं गरीबों को लेकर न्यू केंदा से बहुला मोड़ तक एक रैली आयोजित की गई.उक्त बातें रैली के दौरान रविवार को तृणमूल हिंदी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सह दलित नेता सिंटू भैया ने कहीं. रविवार को दलितों को लेकर सिंटू भूईया ने जामुड़िया के न्यू केन्दा से एक रैली निकाली. इस दौरान सिंटू भूइया ने बताया कि यह रैली उन गरीबों के सम्मान के लिए है जिनको विस्तारित के नाम पर ईसीएल, सेल, रेल ,कॉल अन्य सरकारी संस्था उनके घर को ध्वस्त कर देते हैं तथा मां-बहनों को घर से बेघर कर देते हैं. उन मां बहनों के सम्मान के लिए हम लोग आगामी 29 दिसंबर को आसनसोल में एक असहायों की सहायता हेतु रैली का आयोजन किया गया है. रैली के माध्यम से तमाम कंपनियों को बतायेंगे कि गरीब- आदिवासी को छोड़कर इस देश का निर्माण नहीं हो सकता है और हमारा देश विकास एवं निर्माण कार्य में मजबूत बना रहे. इसलिए पहले जरूरी है कि किसी तरह से गरीबों को घर से बेघर न किया जाएं, उन्हें तमाम सुविधा मुहैया करानी चाहिए जो जरूरत है. हमारे आदर्श और हमारे विश्वास को ध्यान में रखकर, आसनसोल की धरती पर अंबेडकर पार्क की मांग कर रहे हैं जहां तमाम फ्रीडम फाइटर एवं दलित चिंतक, हमारे देश के महापुरुष का प्रतिमा लगा करके उनके अमूल्य योगदान का वर्णन किया जाए ताकि हमारे आने वाली पीढ़ी उनके इतिहास को समझ पाए. आसनसोल में गरीब लोग भी अपने बच्चों को अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने बच्चों को दिला पाए इसके लिए आसनसोल में अच्छे मानक के आवासीय स्कूल की स्थापना की जाये। आसनसोल में काम करने वाले अधिकांश लोग मजदूरी में काम करने वाले हैं जो अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते हैं ,मजदूर के बेटे और भी गरीब हो जाता है और मजबूरी एवं दबाव में रहता है ना कोई शिक्षा ना पोषण. इनके लिए आवासीय विद्यालय की स्थापना की जाये. सभी जरूरतमंद लोगों को समुचित शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, गरिमामय जीवन की उचित व्यवस्था की जाये. आखिर कब तक दो पाटों के मध्य हमारा शोषण होता रहेगा.यह रैली हमारे स्वाभिमान की है . अन्याय, विद्वेष, अत्याचार, शोषण, असमानता, भेद -भाव आदि का विरोध ही इस रैली का उद्देश्य हैं.










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