रांनीगंज-कहा जाता है कि अगर होसले बुलंद हो तो बड़ी से बड़ी समस्या भी आसानी से तय हो जाती है,इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं,पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के श्री भक्त प्रकाश रॉय ,जो जिले से हाथों में निशान लेकर राजस्थान के सीकर जिले के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर के लिए 1800 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकले हैं, मंगलवार शाम वह रानीगंज पहुंचे,जहां श्री श्याम बाल मंडल रानीगंज के सदस्य उन्हें अंडाल मोड़ से लेकर निर्माणाधीन श्री श्याम मंदिर पहुंचे . रानीगंज में श्री श्याम बाल मंडल के रानीगंज शाखा के सदस्यों ने उनका स्वागत किया . रानीगंज में रात में उनके ठहरने और भोजन का इंतजाम भी किया गया. इस मौके पर श्री श्याम बाल मंडल के सदस्यों ने खाटू श्याम बाबा के जयकारे लगाए और भक्ति के गीत गाए.जानकारी के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले में बांग्लादेश सीमा के पास वनगांव से प्रकाश राय गत 3 दिसंबर से निशान यात्रा पर निकले है प्रकाश हर रोज लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर रहे हैं. इस यात्रा में उनके साथ सुधीर कुमार सुमन और मुकेश कुमार भी हैं. उनकी निशान यात्रा पश्चिम बंगाल से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश होते हुए राजस्थान तक जाएगी और वह पैदल ही लगभग 1800 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे. मार्च महीने में राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में फागुन मेला लगता है और उसी पावन अवसर पर वह खाटू श्याम बाबा के चरणों में निशान अर्पित करेंगे. खाटू श्याम बाबा के भक्त प्रकाश राय ने बताया कि राजस्थान के सीकर में मौजूद खाटू श्याम का मंदिर भगवान श्री कृष्ण के मंदिरों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. हिन्दू धर्म में खाटू श्याम को कलियुग में श्री कृष्ण का अवतार माना जाता है. कलियुग में श्याम बाबा के नाम का डंका बजना है.हर गली मोहल्ले और शहर से गुजरते हुए वे श्याम बाबा के नाम की महिमा जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. इस मौके पर सांवर सिंघानिया, अरुण मारोदिया, पप्पू माटोलिया, अमित मरोदिया तथा अन्य सदस्यगण उपस्थित थे.











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