आसनसोल : सनातन संस्कृति में स्नान पर्वों में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा, यमुना, गोदावरी आदि पवित्र नदियों में स्नान की महत्ता पुराणों में वर्णित है। कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में या तुलसी के समीप दीप जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। पूरे देश के साथ आसनसोल शिल्पांचल में भी कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। यह साल का आखिरी पर्व स्नान है। इस मौके पर दामोदर नदी के बर्नपुर, चिनाकुड़ी, बराकर नदी घाटों पर स्नान करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्तिक स्नान पर्व पर गंगा स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसके चलते हजारों श्रद्धालुओं ने दामोदर नदी में पावन डुबकी लगाई। लोगों ने स्नान के बाद भूतनाथ मंदिर में बाबा भूतनाथ को जलाभिषेक किया। मां काली की पूजा अर्चना की। इस दौरान कोई अप्रिय घटना ना हो। इसके लिए आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट पुलिस के हीरापुर थाना पुलिस के द्वारा सुरक्षा का चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी।

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