आसनसोल: आसनसोल जिला भारतीय जनता पार्टी के द्वारा मंगलवार को 19 वीं शताब्दी के महान क्रांतिकारी आदिवासी समुदाय के भगवान बिरसा मुंडा की 147 वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी मंगल पांडे, हुगली की सांसद लॉकेट चटर्जी, भाजपा के प्रदेश महासचिव सह विधायिका अग्निमित्रा पाल, पुरुलिया के सांसद ज्योर्तिमय सिंह महतो, विधायक लखन घुरुई, कुल्टी के विधायक अजय कुमार पोद्दार, जितेंद्र तिवारी समेत भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित की। इस दौरान लॉकेट चटर्जी, अग्निमित्रा पाल, ज्योर्तिमय सिंह महतो ने तृणमूल कांग्रेस पर चौतरफा प्रहार करते हुए कहा कि टीएमसी आदिवासी विरोधी पार्टी है। इस संदर्भ में लॉकेट चटर्जी ने कहा कि जिस तरह ममता बनर्जी कि सरकार के मंत्री महामहिम राष्ट्रपति को लेकर टिप्पणी की है। यह अति निंदनीय है। लेकिन इससे टीएमसी की मानसिकता सामने आ गई है। भले ही टीएमसी अपने मंत्री के बयान से अपना पल्ला झाड़ ले। लेकिन जिस मंत्री ने यह निंदनीय बयान दिया है । उसे अभी तक मंत्रिमंडल से बाहर नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिखावा के लिए जंगल महल गई है। उन्हें केवल आदिवासियों का वोट चाहिए। लेकिन आदिवासियों का मान सम्मान, शिक्षा, सुरक्षा रोजगार से उनका कोई लेन-देन नहीं है। उन्होंने कहा कि फरवरी में पंचायत चुनाव होने वाला है। तृणमूल कांग्रेस के पास जनाधार नहीं है। वे आदिवासियों को लुभाना चाहती हैं। लेकिन आदिवासी टीएमसी से दूर हो गई है। टीएमसी के पास कोई नहीं है। इनके पास केवल पुलिस प्रशासन बम और गुंडे हैं। जिसके बल पर यह पंचायत चुनाव जितना चाहती है। वही अग्निमित्रा पाल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस चोर, लूटेरा, घूसखोर, रेपिस्ट, हत्यारों का दल बन गया है। उन्होंने आज जमुड़िया में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी के नेता वसूली कर रहे हैं। कारखाना मालिकों की बात छोड़िए। छोटे से छोटे दुकानदारों से भी वसूली की जा रही है। कटमनी लिया जा रहा है और स्थानीय ग्रामीणों को नौकरी नहीं मिल रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि मैं छोटा कारखाना की बात क्या करूं। मैं ईसीएल, आईएसपी, रेलवे की नौकरियों की बात करूंगी। अग्निमित्रा पाल ने ममता बनर्जी के महंगाई नियंत्रण करने के बयान पर कहा कि जब पंचायत चुनाव आई है, तो उन्हें आम लोगों की चिंता सता रही है। बल्कि सच्चाई यह है कि यह सरकार साल भर कुछ भी नहीं करती। केवल केंद्र सरकार की कोसने की कार्य करती है। वहीं ज्योर्तिमय सिंह महतो ने कहा कि कोलकाता नगर निगम डेंगू पर नियंत्रण पाने में असफल रहा है। केंद्र सरकार से जो पैसा आई। उसे सही ढंग से खर्च नहीं किया जा सका। इसके लिए राज्य सरकार दोषी है। एक बार ममता बनर्जी कहती है कि केंद्र की पैसा का बंगाल को आवश्यकता नहीं है। बंगाल सरकार के पास जो पैसा है उसी से वह कार्य कर लेंगी। जबकि दूसरी ओर कहती है कि केंद्र सरकार पैसा नहीं भेज रही। वह आम नागरिकों को भ्रमित करना चाहती हैं।

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