आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के द्वारा सोमवार को राष्ट्रगान 'जन गण मन अधिनायक' के रचयिता नोबेल पुरस्कार विजेता कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की 80वीं पुण्यतिथि भावभीनी श्रद्धांजलि देकर मनाई गई। इस मौके पर बीएनआर स्थिति रविंद्र भवन के समक्ष रविंद्र नाथ टैगोर की आदमकद प्रतिमा, रविंद्र भवन परिसर में रखे प्रतिमा, आसनसोल टैगोर रोड स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।इस मौके पर नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, उप मेयर वसीम उल हक, मेयर परिषद सदस्य गुरुदास चटर्जी पार्षद शीखा घटक, दिलीप बड़ाल एवं आसनसोल नगर निगम के कई कर्मचारी उपस्थित थे। सभी लोगों ने कवि गुरु को अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की। इस मौके पर चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने कहा कि 8 अगस्त 1941 को कविगुरु ने इस संसार को त्याग दिया। उनके मृत्यु पर बंगाल ही नहीं बल्कि पूरा देश के लोग स्तब्ध थे। पूरा देश के लोगों को लगा था कि कविगुरु की मृत्यु के बाद साहित्य और संस्कृति जगत अनाथ हो गया है। इस कमी को अब भरा नहीं जा सकेगा। क्योंकि कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर एक बहुआयामी प्रतिभा की शख्सियत के मालिक थे। टैगोर ने कविता, साहित्य, दर्शन, नाटक, संगीत और चित्रकारी समेत कई विधाओं में प्रतिभा का परिचय दिया। चेयरमैन ने कहा कि कविगुरु की रचनाओं ने जीवन के हर क्षेत्र को छुआ है और जीवन के हर क्षेत्र को समृद्ध किया है। लेकिन अभी भी देश के लोग रविंद्र नाथ टैगोर को समझ नहीं सके हैं। यदि हम उन्हें समझ लेते तो हिंसा नहीं होती। समाज में अलगाव नहीं आता। यदि हम उनको समझते तो एक नए समरसता वाले समाज का निर्माण करते।

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