जामुड़िया : जामुड़िया क्षेत्र के हिजलगोड़ा गांव के लोग को रेशमी सीमेन्ट करखाना शुरू होने से पहले ही सिंगूर की याद आ रही है, गांव के जमीन दाता एवं सप्लायर्स दहशत में हैं. हालांकि, जमीन दाताओं ने राय व्यक्त की है कि क्षेत्र के लोग फिर से एक सिंगूर देखने जा रहे हैं. 2013 से रश्मि प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी जामुड़िया के हिजलगोड़ा इलाके में फैक्ट्री लगाने के नाम पर जमीन अधिग्रहण करने लगी थी, उस समय जमीन विवाद के चलते काम बंद कर दिया गया था. वर्तमान सरकार के हस्तक्षेप के कारण जमीन संबंधी सभी समस्याओं के समाधान के बाद तृणमूल नेताओं ने कारखाना अधिकारियों के साथ पिछले साल 22 सितंबर को भूमि पूजन किया था, इसके बाद स्थानीय लोगों के साथ मिलकर फैक्ट्री को घेरने का काम शुरू हुआ, वहां बड़ी-बड़ी अर्थ-कटिंग मशीनें लाई गईं. फिलहाल बॉउंड्री देने का काम लगभग पूरा हो चुका है. आरोप है कि ठेका लेने वालों ठेकेदार एवं सप्लायर का भुगतान नहीं कर रहे हैं, वहीं उन ठेकेदारों ने रात के अंधेरे में मशीन को लेकर निकलने की भी शिकायत की है, जब ठेकेदार और गांव के लोगों से फैक्ट्री के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा की उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया.इसके अलावा, क्षेत्र के कई लोगों ने कहा कि बकाया भुगतान की मांग करने पर उसे डराया ओर धमकाया जा रहा है . ठेकेदारों और जमीन के मालिकों ने विरोध किया और कारखानों को अवरुद्ध कर दिया, ताकि कारखाने के अधिकारी उन मशीनों को नहीं ले जा सकें. घटना की सूचना मिलने के बाद केंन्दा फाड़ी की पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला.


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