आसनसोल : आसनसोल बीएनआर इलाके के लोग पागलों के हरकतों से दहशत में जी रहे हैं। क्योंकि आय दिन उस इलाके में किसी न किसी पागल के द्वारा हिंसात्मक घटना का अंजाम दिया जा रहा है। जिससे लोग भयभीत हैं। कुछ दिन पहले एचएलजी मोड़ के समीप एक पागल ने एक व्यक्ति को मार कर कचड़े के ढेर में तोप दिया था। वही एक पागल ने शनिवार को एक ऑटो का शीशा तोड़ दिया। लेकिन इन सब उसके अलावा एक पागल ने ऐसी हरकत की कि उसने एक दुकानदार को पिटकर कर मौत के घाट उतार दिया। तो 8 पुलिस कर्मियों के और 2 अस्पताल के कर्मियों को भी घायल कर दिया। जब आसनसोल के भगत सिंह मोड़ स्थित बीते गुरुवार के दिन देर रात करीबन डेढ़ बजे एक पागल ने जमकर उत्पात मचाया। पहले तो पागल ने भगत सिंह मोड़ स्थित एक सैलून दुकान मे आकर अचानक से अपना गुस्सा निकालने लगा और सैलून दुकान मे रखे सामान निकालकर बाहर फेंकने लगा। पागल के हाँथ मे एक माचिस भी था। पागल की हरकतों को देख सैलून दुकान के मालिक 55 वर्षीय मोहमद असलम अंसारी आगे बढ़े। पागल को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने पागल को डराने के लिये जैसे ही अपने हांथों मे एक डंडा उठाया। जिसके बाद पागल सैलून मे रखे सामानो को छोड़ असलम के ऊपर टूट पड़ा और असलम को बेरहमी से पीटना शुरु कर दिया।पागल ने असलम को तब तक पीटता रहा। जब तक असलम अधमरा नही हो गया। पागल की हरकतों को देख मौक़े पर मौजूद कोई भी शख्स पागल के चुंगल से असलम को छुड़ाने की हिम्मत नही कर सका।वहीं स्थानीय लोगों ने घायल असलम को पहले भगत सिंह मोड़ स्थित मिडवे अस्पताल मे भर्ती कराया। जहाँ चिकित्सकों ने असलम की बेहतर इलाज के लिये आसनसोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जब असलम की स्थिति और भी ख़राब हो गई तो आसनसोल जिला अस्पताल ने असलम को बर्दवान मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहाँ असलम पिछले दो दिनों से इलाजरत थे। वहीं शनिवार को सुबह करीब चार बजे असलम की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं अस्पताल की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद असलम के शव को शनिवार को भगतसिंह मोड़ स्थित उनके सैलून दुकान लाया गया। जहाँ उनके जानने वालों ने उनके शव का दीदार किया। जिसके बाद असलम के शव को उनके पैतृक स्थान बिहार के गया के लिये रवाना कर दिया गया। रविवार को असलम के शव को दफनाया गया।वहीं स्थानीय लोगों की अगर माने तो वह पागल असलम को पिट-पिट कर अधमरा कर अचानक से भगत सिंह की मूर्ति के तरफ आगे बढ़ा और भगत सिंह की मूर्ति को तोड़ने का प्रयास किया। तभी मौक़े पर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी पहुँच गई और पागल को काबू करने का प्रयास किया। जिस प्रयास मे करीब आठ पुलिस कर्मी बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया देर रात करीब 11 बजे से शुरु हुआ पागल का हाई वोल्टेज ड्रामा करीब सुबह तीन बजे तक चला। जिसके बाद वह पागल पुलिस के कब्जे मे आया, वहीं पुलिस ने कड़ी मसक्कत के बाद अपने जान पर खेलकर पागल पर काबू पाया और उसको आसनसोल जिला अस्पताल पहुँचायी।वहाँ भी उस पागल ने दो अस्पताल कर्मियों को घायल किया। वहीं पुलिस यह पता लगा रही है, की आखिरकार वह पागल कहाँ से आया और उसके पीछे का इतिहास क्या है। पागल को पागल खाने भी भेजनें की प्रक्रिया जाँच के बाद शुरू की जायेगी।

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