रानीगंज-शनिवार को चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव धूमधाम से कोयलांचल-शिल्पांचल में मनाया गया.इसी क्रम में रानीगंज के बड़ा बाजार स्थित हनुमान मंदिर एवं सी आर रोड स्तिथ श्री सीताराम जी मंदिर में भी सुबह से ही हनुमान जी की पूजा अर्चना की गई. मंदिर के पुजारी विद्याभूषण पाठक एवं जय प्रकाश पाठक ने बताया शनिवार हनुमान जन्मोत्सव के दौरान सुंदरकांड पाठ, 108 हनुमान चालीसा और शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया. सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ मंदिर प्रांगण में उमड़ती दिखाई पड़ी.श्री हनुमान चालिसा के प्रमुख ओमप्रकाश बाजोरिया ने कहा संस्था द्वारा बीते 37 वर्षो से श्री हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है,परन्तु पिछले 2 सालों से कोरोना वायरस की वजह से सभी तरह के सामूहिक कार्यक्रम में रोक लगी हुई थी, लेकिन इस साल कोरोना के केस में कमी होने की वजह से एक बार फिर से धूमधाम के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान दुगुने उत्साह से किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा मुहूर्त के हिसाब से सुबह 6:03 पर श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया गया, इसके बाद सुंदरकांड पाठ और 108 हनुमान चालीसा पढ़ा गया, दोपहर में भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें काफी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया.ततपश्चात सन्ध्या स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन किया गया. पंडित विद्याभूषण पाठक ने बताया पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था. हनुमान जी को कलयुग में सबसे प्रभावशाली देवताओं में से एक माना जाता है.
विष्णु जी के राम अवतार के बाद रावण को दिव्य शक्ति प्रदान हो गई. जिससे रावण ने अपनी मोक्ष प्राप्ति हेतु शिवजी से वरदान माँगा की उन्हें मोक्ष प्रदान करने हेतु कोई उपाय बताए, तब शिवजी ने राम के हाथों मोक्ष प्रदान करने के लिए लीला रचि. शिवजी की लीला के अनुसार उन्होंने हनुमान के रूप में जन्म लिया, ताकि रावण को मोक्ष दिलवा सके. इस कार्य में रामजी का साथ देने हेतु स्वयं शिवजी के अवतार हनुमान जी आये थे, जो सदा के लिए अमर हो गए. रावण के वरदान के साथ साथ उसे मोक्ष भी दिलवाया.आयोजन को सफल बनाने में पवन पुरोहित,विमल अग्रवाल, राज कुमार नांगलिया,विनोद मोदी,राजीव बाजोरिया,दीपक शर्मा, असित कुमार सहित महिला पुरुष भक्तों की अहम भूमिका रही.



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