मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक थाना क्षेत्र के एक गाँव में 12 साल की एक स्कूली छात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से इलाके में भारी सनसनी और तनाव का माहौल है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के घर के पास ही खड़े एक स्थानीय किशोर ने जबरन नाबालिग की तस्वीरें खींच ली थीं। आरोप है कि इसके बाद उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। घटना के बाद से नाबालिग स्कूली छात्रा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। बाद में उसने हिम्मत जुटाकर अपनी माँ को पूरी आपबीती सुनाई।
अपनी बेटी की सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाते हुए माँ ने कालियाचक थाने का रुख किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, परिवार का गंभीर आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। यहाँ तक कि पुलिस ने उन्हें शिकायत की जनरल डायरी (GD) की कॉपी या जीडी नंबर तक नहीं दिया है।
मामला वापस लेने का दबाव और धमकियां
इस बीच, एक और सनसनीखेज आरोप सामने आया है। परिवार का दावा है कि उन्हें मामला वापस लेने के लिए लगातार प्रताड़ित और दबाव डाला जा रहा है। स्थानीय स्तर पर आपसी समझौते (सLishi) के नाम पर मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाने के साथ-साथ उन्हें धमकी भरे फोन भी आ रहे हैं।
नाबालिग के पिता का कहना है कि तमाम प्रशासनिक दावों के बावजूद उनकी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने इस पूरी घटना की निष्पक्ष जाँच कर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने और दोष साबित होने पर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस संवेदनशील मामले पर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। दक्षिण मालदा संगठनात्मक जिले के भाजपा महासचिव विश्वजीत राय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालाँकि, इस पूरे मामले पर अभी तक स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसके कारण पुलिस की कार्यशैली और जाँच की गति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाल सुरक्षा और गरिमा के लिहाज से इस मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जाँच बेहद जरूरी मानी जा रही है।

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