‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में कथित धांधली के विरोध में रविवार को रामलीला मैदान में महासंग्राम व पदयात्रा, चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग
कोलकाता : चुनाव आयोग के कामकाज, कथित ‘वोट चोरी’, ईवीएम और मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी के खिलाफ विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार, 1 नवंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन और पदयात्रा में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी शनिवार दोपहर कोलकाता से दिल्ली रवाना हो गईं।
विपक्षी गठबंधन के इस कार्यक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मतदाता सूचियों में मनमाने तरीके से बदलाव किए जा रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।
‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता
दिल्ली रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर दिया। विपक्ष का कहना है कि देश के प्रत्येक नागरिक के अपने प्रतिनिधि को चुनने के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा करना इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य है। गठबंधन के नेताओं ने चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है।
रामलीला मैदान में जुटेंगे विपक्षी दलों के नेता
रविवार को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले ‘वोट बचाओ’ महासंग्राम और पदयात्रा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदल, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत I.N.D.I.A. गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी के साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।
ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे और विपक्षी दलों के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब सबकी निगाहें रविवार को रामलीला मैदान में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

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