कोलकाता, 23 अक्टूबर: पुलिस कमिश्नर अजय नंदा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम मामलों पर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मंगल और मालती पहले झारखंड से आकर झाड़ग्राम क्षेत्र में काम करते थे और बाद में वे सारंगदा तथा आकाश के गुट से जुड़ गए थे।
उन्होंने आगे बताया कि जनवरी 2026 के बाद वे उस इलाके से हट गए थे और उन्होंने मुख्यधारा में लौटने यानी आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि पुलिस द्वारा माओवादी सदस्य मंगल पर 5 लाख रुपये और मालती पर 2 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था।
पूजा विसर्जन और सनातन पद्धति के बारे में पूछे गए सवाल पर पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूजा विसर्जन का काम मुख्य रूप से पूजा कमेटियां ही करती हैं, इसमें पुलिस की कोई सीधी भूमिका नहीं होती है। यदि विसर्जन के दौरान कोई अप्रिय घटना या कानूनी त्रुटि होती है और बाद में कोई लिखित शिकायत दर्ज की जाती है, तो पुलिस नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।
इसके अलावा, चोरबागन मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है और एक पूर्व न्यायाधीश इसकी देखरेख कर रहे हैं। चूंकि मामले की जांच अभी चल रही है, इसलिए इस पर उन्होंने फिलहाल कोई अन्य टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


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