शिक्षा और महिला सम्मान के क्षेत्र में उनके योगदान को किया गया याद
रानीगंज- बंगीय साक्षरता प्रसार समिति की पश्चिम बर्दवान जिला कमेटी की ओर से शनिवार को जामुड़िया हाटतला हिंदी हाई स्कूल में पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की 207वीं जयंती मनायी गयी. इस अवसर पर विद्यासागर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद आयोजित चर्चा सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन और समाज सुधार के कार्यों पर प्रकाश डाला.
सभा को संबोधित करते हुए हीरक गांगुली ने कहा कि ईश्वरचंद्र विद्यासागर का मानना था कि महिलाओं को शिक्षित किये बिना और उन्हें उचित सम्मान दिये बिना समाज का विकास संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब सरकारी स्कूलों को बंद कर सार्वभौमिक शिक्षा के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, ऐसे कठिन दौर में विद्यासागर के विचारों और आदर्शों की चर्चा और भी जरूरी हो गयी है
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए क्विज और चित्रांकन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया. इसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया.
इसी दिन रानीगंज के हिल बस्ती कम्युनिटी हॉल में भी गीत, कविता और वक्तव्य के माध्यम से ईश्वरचंद्र विद्यासागर की जयंती मनायी गयी. कार्यक्रम में उनके समाज सुधार, शिक्षा के प्रसार और महिला शिक्षा के लिए किये गये प्रयासों को याद किया गया.
इस अवसर पर बंगीय साक्षरता प्रसार समिति द्वारा संचालित रानीगंज के शिक्षा सहायक केंद्र के छात्र-छात्राओं के बीच शिक्षण सामग्री भी वितरित की गयी. आयोजकों ने कहा कि विद्यासागर के शिक्षा और समाज सुधार के संदेश को नयी पीढ़ी तक पहुंचाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है.



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