बारासात : बारासात नगरपालिका के पूर्व उपनगर प्रमुख, पूर्व मेयर-इन-काउंसिल सदस्य तथा बारासात शहर तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण भौमिक के घर और पार्टी कार्यालय में सोमवार शाम कथित तौर पर उत्तेजित भीड़ ने जमकर तोड़फोड़ की। घटना के समय अरुण भौमिक की पत्नी और एक रिश्तेदार घर में मौजूद थे।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मई के पहले सप्ताह में वसूली और हत्या के आरोप में सीआईडी ने अरुण भौमिक को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल दमदम सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद हैं।
अरुण भौमिक की पत्नी ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित बदमाशों ने उनके घर पहुंचकर अभद्र भाषा में गाली-गलौज की और व्यापक तोड़फोड़ की। उनके मुताबिक, हमलावरों की संख्या 100 से अधिक थी। उन्होंने घर के कांच के दरवाजे-खिड़कियां, फर्नीचर, एलसीडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, घर के सामने लगे फूलों के पौधे और गौतम बुद्ध की प्रतिमा तक को क्षतिग्रस्त कर दिया। पत्नी का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को फोन किया, लेकिन तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। करीब एक घंटे बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।
अरुण भौमिक की पत्नी ने पति के घर पर मौजूद नहीं रहने के कारण अपनी जान को खतरा होने की आशंका जतायी है। उन्होंने बारासात थाने में आवेदन देकर अपने घर में सुरक्षित रहने के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों में अरुण भौमिक का राजनीतिक और आर्थिक रूप से तेजी से उभार हुआ। आरोप लगाया गया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उनके खिलाफ सिंडिकेट राज, वसूली, मारपीट और हत्या जैसे आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि टाली की छत वाले घर से अचानक आलीशान मकान और करोड़ों रुपये की संपत्ति कैसे अर्जित हुई।
स्थानीय लोगों ने अरुण भौमिक पर जमीन की दलाली, प्रमोटरिंग और प्रमोटरों को धमकाकर रुपये वसूलने जैसे आरोप भी लगाए। बताया जाता है कि 2018 के बाद भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे के बारासात सांगठनिक जिला अध्यक्ष को कथित तौर पर फोन करने के एक मामले में सीबीआई की जांच में भी उनका नाम सामने आया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। सत्ता परिवर्तन के बाद लंबे समय से दबे गुस्से के फूट पड़ने का दावा स्थानीय लोगों की ओर से किया जा रहा है।

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