उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में फिर खूनी संघर्ष, एबीवीपी और एआईडीएसओ कार्यकर्ताओं में झड़प

एआईडीएसओ के दो नेता गंभीर रूप से घायल, हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग पर निकाला प्रतिवाद मार्च



सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एनबीएमसी) परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) के बीच विवाद एक बार फिर हिंसक हो गया। प्रथम वर्ष में छात्रों के दाखिले को लेकर बुधवार को हुई झड़प के बाद गुरुवार शाम एआईडीएसओ के दो नेताओं पर कथित हमले से इलाके में तनाव बढ़ गया। घटना में एआईडीएसओ के राज्य सचिवालय समिति के सदस्य डॉ. अपूर्व मंडल और एनबीएमसी इकाई के उपाध्यक्ष डॉ. रामचंद्र शर्मा गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए सिलीगुड़ी जिला अस्पताल (सदर अस्पताल) में भर्ती कराया गया है।



एआईडीएसओ की ओर से लगाए गए आरोप के अनुसार, गुरुवार शाम करीब छह बजे डॉ. अपूर्व मंडल और डॉ. रामचंद्र शर्मा मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर एक दुकान पर बैठे थे। दोनों बुधवार की झड़प में घायल हुए छात्र-छात्राओं से मुलाकात करने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर करीब 40 लोग वहां पहुंचे। एआईडीएसओ का आरोप है कि खुद को एबीवीपी कार्यकर्ता बताने वाले इन लोगों ने पहले दोनों नेताओं को धमकी दी और इसके बाद लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया।

अचानक हुए हमले में डॉ. अपूर्व मंडल के सिर में गंभीर चोट लगी और उनका सिर फट गया। वहीं, डॉ. रामचंद्र शर्मा भी मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए। घटना के बाद दोनों को तत्काल सिलीगुड़ी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।



पुलिस की भूमिका पर उठाये सवाल

घायल डॉ. अपूर्व मंडल ने आरोप लगाया कि जिस समय उन पर हमला किया गया, उस दौरान पुलिस और सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद थे। इसके बावजूद उन्हें बचाने के लिए पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने घटना में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाये हैं।

हालांकि, इस मामले में एबीवीपी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दोनों छात्र संगठनों के बीच लगातार हो रहे विवाद को लेकर मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।


हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग

एआईडीएसओ नेताओं पर कथित हमले के विरोध में शुक्रवार को संगठन की ओर से सिलीगुड़ी के कोर्ट मोड़ से प्रतिवाद मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में एआईडीएसओ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कथित हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और घटना में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की। मार्च के बाद सभा आयोजित कर संगठन के नेताओं ने घटना के खिलाफ अपना विरोध जताया।

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