तेज लहरों की चपेट में आए नदीया के तीन पर्यटक, लाइफगार्ड ने बच्चे को निकाला, अस्पताल में मृत घोषित
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध समुद्र तटीय पर्यटन केंद्र मंदरमणि में सोमवार को समुद्र स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। तेज लहरों की चपेट में आने से नदीया जिले के एक दंपती और एक 10 वर्षीय बालक समुद्र में बह गये। ड्यूटी पर तैनात नूलिया (लाइफगार्ड) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बालक को समुद्र से बाहर निकाला और स्थानीय बारंगुआ अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, दंपती का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। उनकी तलाश में अभियान जारी है।
मृत बालक की पहचान कृष्णगंज थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी 10 वर्षीय सोमनाथ हालदार के रूप में हुई है। वहीं, लापता दंपती की पहचान शांतिपुर थाना क्षेत्र के बागदेवीपुर गांव निवासी सुमन शील और वृष्टि शील के रूप में हुई है।
बताया गया कि सुमन शील काम के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं। उनके ससुर दीघा के एक होटल में काम करते हैं। दंपती दिल्ली से घर लौटने के बाद दीघा घूमने आये थे। दूसरी ओर, सोमनाथ के पिता भी ओल्ड दीघा के एक होटल में काम करते हैं। सोमवार दोपहर सभी लोग मंदरमणि घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान वे समुद्र में स्नान करने उतर गये।
बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव और ज्वार के कारण समुद्र काफी अशांत था। इसी दौरान अचानक आयी तेज लहरों की चपेट में आकर बालक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में दंपती भी समुद्र में बह गये। नूलियाओं ने काफी मशक्कत के बाद बालक को बाहर निकाल लिया, लेकिन उसकी जान नहीं बचायी जा सकी। दंपती की तलाश में पुलिस और नूलियाओं की टीम जुटी हुई है।
इधर, लगातार हो रहे समुद्री हादसों को देखते हुए पूर्व मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक ने तटीय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही है। बताया गया है कि मंदरमणि समेत तटीय इलाकों में जल्द ही 90 नये नूलिया (लाइफगार्ड) नियुक्त किये जाएंगे, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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