रानीगंज-ईसीएल के सातग्राम-श्रीपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शिवडांगा एसएसआई कोलियरी में श्रमिकों के अचानक हुए तबादले और लंबे समय से बंद पड़े कोयला उत्पादन को पुनः शुरू करने की मांग को लेकर जॉइंट एक्शन कमेटी (जैक) ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया.प्रदर्शन के उपरांत यूनियन प्रतिनिधियों ने ईसीएल प्रबंधन के मनमाने रवैये के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा.
2017 से बंद है कोयला उत्पादन
जैक प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि ईसीएल प्रबंधन की साजिश के तहत शिवडांगा एसएसआई कोलियरी में वर्ष 2017 से कोयला उत्पादन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. वर्षों बीत जाने के बावजूद उत्पादन शुरू करने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई, जबकि अन्य रखरखाव व कार्यों के लिए यहां श्रमिक तैनात रहे.
कोलियरी में 3.5 मिलियन टन कोयले का भंडार
यूनियन नेताओं का कहना है कि इस कोलियरी में वर्तमान में 3.5 मिलियन टन उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का विशाल भंडार मौजूद है. अगर प्रबंधन ध्यान दे और उत्पादन शुरू कराए, तो यह खदान सालों तक सुचारू रूप से चल सकती है. इसके बावजूद ईसीएल इसे स्थायी रूप से बंद करने की साजिश रच रहा है.
47 श्रमिकों के तबादले से आक्रोश
कोलियरी चालू करने के लिए जैक लगातार आंदोलन कर रही है, लेकिन प्रबंधन अपनी मनमानी पर आमादा है. हाल ही में इस खदान से 47 श्रमिकों का दूसरे स्थानों पर तबादला कर दिया गया है. यूनियन ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों का यह जबरन तबादला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.
विरोध प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में जैक यूनियन के प्रमुख नेताओं व सदस्यों में बीरेंद्र महतो, रामाधार हरिजन, राजेंद्र यादव, रामकुमार नोनिया, उमेश यादव, पिंटू चक्रवर्ती और परदेशी राम सहित कई अन्य श्रमिक व प्रतिनिधि उपस्थित थे.
दूसरी और इस संबंध में स्थानीय ईसीएल प्रबंधन ने कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार करते हुए जैक के मांगो को विभागीय उच्च अधिकारियों को जानकारी देने की बात कहा.



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