मेदनीपुर रोड जाम कर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, प्रशासन के खिलाफ जताया आक्रोश
रानीगंज- लगातार बारिश के बाद रानीगंज के बल्लभपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत रघुनाथचक दूषाध पाड़ा में करीब 20 फीट गहरा धंसान होने के 19 दिन बाद भी उसे भरा नहीं गया है. इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को ग्रामीणों ने बल्लभपुर-मेदनीपुर रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.
क्या हुआ था 19 दिन पहले
पिछले महीने लगातार बारिश के बाद रघुनाथचक दूषाध पाड़ा में करीब 100 वर्गफुट क्षेत्र अचानक 20 फीट गहराई तक धंस गया था.स्थानीय लोगों का दावा है कि उक्त स्थान पर ब्रिटिश काल में बंगाल कोल कंपनी की पुरानी खदान थी. आरोप है कि अवैज्ञानिक तरीके से कोयला निकालने के बाद बालू से भराई नहीं किये जाने के कारण जमीन के नीचे का हिस्सा खोखला हो गया है और बार-बार धंसान की घटनाएं हो रही हैं. इससे पहले अगस्त 2023 में भी षष्ठीतला इलाके में इसी तरह की घटना हुई थी.
सबसे चिंता की बात यह है कि धंसान वाले स्थान से कुछ ही दूरी पर घनी आबादी के साथ आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल भी स्थित हैं. किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से ग्रामीण भय के माहौल में रह रहे हैं.
19 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, सड़क जाम
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग तो कर दी, लेकिन ईसीएल प्रबंधन की ओर से गड्ढे को भरने की कोई पहल नहीं की गयी. सीआइटीयू नेता हेमंत प्रभाकर ने बीडीओ और पुलिस को लिखित रूप से मामले की जानकारी भी दी, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ.
आखिरकार गुरुवार को ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया. उन्होंने करीब आधे घंटे तक बल्लभपुर से गुजरने वाली मेदनीपुर रोड को जाम कर प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने कहा कि आखिर कब तक वे मौत के साये में रहेंगे. जमीन के नीचे का हिस्सा कभी भी धंस सकता है और बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
सूचना मिलने पर बल्लभपुर फांड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची.पुलिस ने संबंधित विभाग से बातचीत कर जल्द आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द बालू भराई कर इलाके को सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.


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