251 महिलाओं ने मीतू अग्रवाल के सान्निध्य में किया मंगल पाठ, भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ श्री श्याम मंदिर परिसर
रानीगंज : सावन माह की तीज के पावन अवसर पर रानीगंज स्थित श्री श्याम मंदिर परिसर में श्री रानी सती दादी सत्संग समिति और श्री श्याम बाल मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हुआ. कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को दादीजी का मेहंदी उत्सव आयोजित किया गया, जबकि गुरुवार को भव्य सावन सिंधारा एवं सामूहिक मंगल पाठ श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ.
इस अवसर पर रानीगंज, आसनसोल, दुर्गापुर, जामुड़िया सहित आसपास के क्षेत्रों से 251 महिलाओं ने कोलकाता से पहुंचीं मंगल पाठ वाचिका मीतू अग्रवाल के सान्निध्य में श्री रानी सती दादी का सामूहिक मंगल पाठ किया. महिलाओं ने दादीजी की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, सुख-शांति एवं अखंड सौभाग्य की कामना की. भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा.
राजस्थानी समाज की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है सिंधारा
समिति के सुमित क्याल ने बताया कि राजस्थानी समाज में सावन के सिंधारा का विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है इसे सुहाग, सौंदर्य, समृद्धि और पारिवारिक सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है. सावन तीज के अवसर पर महिलाएं सोलह शृंगार कर दादीजी के समक्ष मंगल पाठ और पूजा-अर्चना करती हैं.
उन्होंने कहा कि सिंधारा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि राजस्थानी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है. इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक आस्था और सामाजिक संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है.
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री श्याम बाल मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव पवन केजरीवाल, बिमल सराफ, विकास सतनालिका, बृजेश अग्रवाल तथा श्री रानी सती सत्संग समिति के कैलाश क्याल, सुमित क्याल, अनिल क्याल समेत समिति के अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही. आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं समिति सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.


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