रानीगंज : चीनी की कीमतों में अचानक हुई वृद्धि को लेकर शनिवार को रानीगंज बाजार में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के पहुंचने से हड़कंप मच गया. करीब एक दर्जन से अधिक वाहनों के साथ अधिकारियों के बाजार में प्रवेश करते ही कई दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं. देखते ही देखते बाजार में प्रशासनिक कार्रवाई और छापेमारी की चर्चा तेज हो गयी.हालांकि अधिकारियों ने इसे छापेमारी के बजाय नियमित निरीक्षण बताया.
शनिवार को चीनी के थोक विक्रेताओं राममूर्ति शर्मा, बासुदेव कानोडिया, अरुमय कुंडू और अरुण राजपुरिया के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों में खाद्य सुरक्षा विभाग, नाप-तौल विभाग, पुलिस प्रशासन सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया.इस दौरान गोदामों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक, उसके रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गयी. अभियान के दौरान डीसी सेंट्रल ध्रुव दास, रानीगंज थाना प्रभारी सुबीर कर्मकार, पंजाबी मोड़ फांड़ी प्रभारी तथा खाद्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे.
कार्रवाई की जानकारी मिलने पर रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल गुप्ता, चेयरमैन रोहित खेतान और कार्यकारी अध्यक्ष मनोज केसरी भी मौके पर पहुंचे. थोक विक्रेता अरुण राजपुरिया ने बताया कि पुलिस प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारी गोदाम में पहुंचे थे. अधिकारियों ने गोदाम में उपलब्ध चीनी के स्टॉक और उसके सही तरीके से उल्लेखित होने की जानकारी ली तथा कुछ दस्तावेज भी मांगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रेड नहीं, बल्कि निरीक्षण था.
अचानक बढ़े दाम को लेकर व्यापारियों ने उठाये सवाल
प्रतिष्ठान के मालिक शरत कानोडिया ने बताया कि पिछले दिनों चीनी की कीमत में अचानक वृद्धि के बाद सरकार की ओर से चीनी के स्टॉक को लेकर एक पोर्टल जारी किया गया है. कुछ दुकानदारों ने तो पोर्टल पर स्टॉक अपडेट किया है, जबकि कुछ दुकानदारों से इसे अपडेट नहीं किया जा सका. कुछ दुकानों में ब्लैक बोर्ड पर भी स्टॉक का विवरण दर्ज नहीं था. उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों के इस तरह बड़ी संख्या में पहुंचने से व्यापारियों में भय का माहौल पैदा हुआ है.
व्यापारियों ने इस मामले में रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से आसनसोल जिला के अतिरिक्त जिला शासक से मुलाकात कर आवेदन भी दिया चैंबर की ओर से कहा गया कि चीनी की कीमतों में अचानक हुई वृद्धि के लिए केवल थोक विक्रेताओं को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. कीमत बढ़ने के वास्तविक स्रोत, यानी चीनी मिलों और उत्पादकों के स्तर पर भी जांच की जानी चाहिए.इस पर अतिरिक्त जिला शासक ने विभागीय उच्चाधिकारियों से बातचीत करने का आश्वासन दिया.
14-15 वाहनों के बाजार में प्रवेश पर जतायी आपत्ति
रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन रोहित खेतान ने कहा कि प्रशासन को समय-समय पर अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करने का पूरा अधिकार है कि व्यापारी नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं. व्यापारी भी नियमों के पालन के पक्ष में हैं. लेकिन जांच के तरीके से व्यापारियों में भय का माहौल नहीं बनना चाहिए.
उन्होंने कहा कि एक साथ 14-15 पुलिस एवं प्रशासनिक वाहनों के बाजार में प्रवेश करने से आसपास के दुकानदार भी घबरा जाते हैं. इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और पूरे बाजार में अनावश्यक भय का माहौल बनता है. प्रशासन से आग्रह है कि कार्रवाई भय पैदा करने के बजाय विश्वास का माहौल बनाते हुए की जाये.
चैंबर के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज केसरी ने कहा कि अधिकारी जांच कर सकते हैं और यह उनका अधिकार है, लेकिन जांच की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यापारी वर्ग को यह महसूस न हो कि कीमतों में वृद्धि के लिए पूरी तरह व्यापारी ही जिम्मेदार हैं.
उन्होंने कहा कि व्यापारी जिस कीमत पर चीनी मिल से माल खरीदते हैं, उसी के आधार पर स्वाभाविक मार्जिन जोड़कर बिक्री करते हैं.यदि चीनी की कीमत में अस्वाभाविक वृद्धि हो रही है तो प्रशासन को यह भी जांच करनी चाहिए कि मिल स्तर पर कीमत क्यों बढ़ी है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी इलाके में बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ आती है तो जांच का केंद्र केवल उन घरों को नहीं बनाया जाता, जहां पानी पहुंचा है, बल्कि यह भी देखा जाता है कि पानी कहां से और क्यों छोड़ा गया.
मनोज केसरी ने यह आशंका जाहिर किया कि यदि इस तरह की कार्रवाई से व्यापारियों में भय पैदा हुआ तो इसका असर सप्लाई चेन पर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि अगर व्यापारी चीनी मंगाना बंद कर दें तो आने वाले दिनों में बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है और इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.
चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल गुप्ता ने कहा कि व्यापारी संगठनों ने प्रशासन से अपील की कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ व्यापारियों के बीच विश्वास का माहौल बनाया जाये, ताकि चीनी की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो और आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.



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