जामुड़िया के श्रीपुर नाजिरपाड़ा में 2022 में हुई थी वारदात, फास्ट ट्रैक प्रथम अदालत ने शस्त्र अधिनियम में भी सुनायी दो साल की सजा
जामुड़िया : पारिवारिक विवाद में अपने ही भाई की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आसनसोल की फास्ट ट्रैक प्रथम अदालत ने श्रीपुर नाजिरपाड़ा निवासी हैदर अली उर्फ मोहम्मद हैदर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. इसके साथ ही शस्त्र अधिनियम के तहत भी उसे दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गयी है.अदालत ने यह फैसला सुनाया.
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक प्रथम न्यायालय, आसनसोल ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 25(1B)(a) के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनायी.
पारिवारिक विवाद के बाद की थी फायरिंग
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 18 मई 2022 की है.पारिवारिक विवाद के बाद आरोपी अपने भाई की दुकान से बंदूक लेकर आया था. आरोप है कि उसने पत्नी और बच्चों के सामने अपने भाई पर तीन बार गोली चलायी. गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया.परिजन उसे तत्काल आसनसोल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
घटना के बाद जामुड़िया थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच उपनिरीक्षक मोहम्मद रौफुल इस्लाम ने की.पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाये और निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया. मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी न्यायिक हिरासत में रहा.
साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी अभियोजक ने अदालत में दलील दी कि यह हत्या सुनियोजित तरीके से की गयी थी तथा वारदात में इस्तेमाल हथियार का अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया. अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किये गये साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी पाया.
अदालत के फैसले को पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की पैरवी की सफलता के रूप में देखा जा रहा है. फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने संतोष जताया तथा दोषी को सजा मिलने पर राहत व्यक्त की.


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