झाड़ग्राम (पीबी टीवी ): राज्य भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने अवैध बालू (रेत) खनन के एवज में 'मंथली' रिश्वत लेने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसीबी की टीम ने झाड़ग्राम थाने के कांस्टेबल रतन प्रमाणिक को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही रिश्वत देने आए बालू कारोबार से जुड़े तीन लोगों— शांतनु बारीक, दीपंकर बारीक और रबी बारीक को भी रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी बांधगोड़ा ग्राम पंचायत के श्यामसुंदरपुर इलाके के रहने वाले हैं।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान 5 लाख 70 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।एसीबी सूत्रों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि अवैध बालू ले जाने वाली गाड़ियों के बदले 'मंथली' रिश्वत की रकम झाड़ग्राम थाने के कांस्टेबल रतन प्रमाणिक को सौंपी जाने वाली है। सूचना मिलते ही एसीबी अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही तीनों कारोबारी रिश्वत की रकम लेकर पहुंचे, अधिकारियों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया।
जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की गई, तो उसमें 'झाड़ग्राम थाना मैनेजर' नाम से एक नंबर सेव मिला, जो कांस्टेबल रतन प्रमाणिक का था।कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने कबूल किया कि वे कांस्टेबल रतन को ही 'मंथली' पैसा देने आ रहे थे। इसके बाद एसीबी ने झाड़ग्राम थाने के चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर में चारों से लंबी पूछताछ की और सबूत पुख्ता होने पर चारों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए कोलकाता ले जाया गया है।बताया जा रहा है कि गिरफ्तार कांस्टेबल रतन प्रमाणिक 2018 से झाड़ग्राम थाने के आईसी (प्रभारी निरीक्षक) के बॉडीगार्ड के रूप में कार्यरत था।
एक सुरक्षाकर्मी के इस तरह रिश्वतखोरी में पकड़े जाने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसीबी अब इस बात की जांच कर रही है कि इस वसूली रैकेट में पुलिस विभाग के अन्य कौन-कौन से अधिकारी या लोग शामिल हैं।


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