बेलघरिया : रंगदारी, धमकी और अवैध रूप से जमीन कब्जा कर बेचने जैसे गंभीर आरोपों के सिलसिले में पुलिस ने कमरहाटी नगरपालिका के 33 नंबर वार्ड के टीएमसी (TMC) पार्षद मनोज साव को गिरफ्तार कर लिया है। बेलघरिया थाने की पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद सोमवार को यह कार्रवाई की।
क्या हैं मुख्य आरोप?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पार्षद मनोज साव पर नंदननगर क्षेत्र में एक स्थानीय व्यवसायी को धमकाने और उनसे भारी रंगदारी (तोलाबाजी) मांगने का आरोप है। इसके अलावा उनके खिलाफ कई अन्य प्रशासनिक व आपराधिक शिकायतें दर्ज थीं:
बंद मोहनी मिल की जमीन पर अवैध कब्जा: आरोप है कि बंद पड़ी ऐतिहासिक 'मोहनी मिल' की जमीन पर उन्होंने अवैध रूप से दुकानें बनवाकर उन्हें बेचा।
नाली के ऊपर अवैध निर्माण: घोला रोड इलाके में सरकारी ड्रेन (नाली) के ऊपर दुकानें बनवाकर उन्हें बेचने और उनसे मोटी रकम ऐंठने का भी आरोप है।
राजनीतिक बदलाव के बाद कड़ा एक्शन
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई तेज कर दी। बेलघरिया थाने की पुलिस ने आखिरकार कानूनी शिकंजा कसते हुए पार्षद मनोज साव को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पार्षद को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि इस पूरे अवैध कारोबार और रंगदारी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का पर्दाफाश किया जा सके। इस गिरफ्तारी के बाद कमरहाटी और आसपास के इलाकों के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।


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