आसनसोल: आसनसोल बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर उठे विवाद के बीच राज्य की नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल शनिवार को एक बार फिर आसनसोल नगर निगम पहुंचीं। यहां उन्होंने निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और कार्रवाई के संबंध में जवाब-तलब किया।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि 9 जुलाई को नगर निगम में हुई समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को केवल सड़क किनारे लगे इक्का-दुक्का अवैध अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही स्पष्ट रूप से कहा गया था कि संबंधित दुकानदारों को कम से कम 15 दिन का समय देकर नोटिस दिया जाए, ताकि वे स्वयं अपना सामान हटा सकें।
मंत्री ने कहा कि इसके बावजूद शुक्रवार को नगर निगम ने पुलिस प्रशासन के साथ अचानक बुलडोजर चलाकर दुकानों को तोड़ दिया, जिससे बाजार क्षेत्र में तनाव और अशांति की स्थिति उत्पन्न हो गई। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उनके निर्देशों के अनुरूप नहीं थी।
अग्निमित्रा पाल ने बताया कि इस मामले में नगर निगम के तीन अधिकारियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों से पूछा गया है कि आखिर किस परिस्थिति में उन्होंने इस तरह की कार्रवाई की और किसके निर्देश पर अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों का जवाब मंत्रालय को संतोषजनक नहीं लगा तो उनके खिलाफ निलंबन (सस्पेंशन) की कार्रवाई भी की जाएगी। मंत्री के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि संबंधित अधिकारी प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) अथवा नगर निगम आयुक्त को पूरी जानकारी दिए बिना ही अभियान चलाने निकल पड़े थे, जिसकी उन्हें जवाबदेही तय करनी होगी।
हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि वह फिलहाल यह नहीं मानतीं कि अधिकारियों ने जानबूझकर ऐसा किया है, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि यदि उचित कारण नहीं बताया गया तो कड़ी कार्रवाई तय है।
अग्निमित्रा पाल ने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट निर्देश दे चुकी हैं कि दुर्गा पूजा तक किसी भी हाकर को नहीं हटाया जाएगा। ऐसे में इन निर्देशों के बावजूद अतिक्रमण हटाने का अभियान क्यों चलाया गया, इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी।

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