भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी बोले- कामकाज ठप था, बोर्ड का भंग होना तय था
आसनसोल: आखिरकार पिछले कई सप्ताह से लगाई जा रही अटकलों पर विराम लगाते हुए राज्य सरकार ने आसनसोल नगर निगम (एएमसी) के बोर्ड को भंग कर दिया। बोर्ड भंग होने की घोषणा के बाद नगर निगम मुख्यालय में मेयर, चेयरमैन, डिप्टी मेयर और एमएमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) के कक्षों के बाहर लगे नेमप्लेट हटाने का काम शुरू कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में राज्य सरकार के नगर विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग ने आसनसोल नगर निगम को पत्र भेजकर पिछले दो महीने से बोर्ड की बैठक नहीं होने पर जवाब मांगा था। साथ ही नगर निगम की ओर से नागरिकों को दी जाने वाली मूलभूत सेवाओं में कथित लापरवाही और प्रशासनिक कार्यों में सुस्ती को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
इसी क्रम में राज्य सरकार ने नगर निगम के निर्वाचित बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया। बोर्ड भंग होने के बाद निगम कार्यालय में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गईं और जनप्रतिनिधियों के कक्षों से उनके पदनाम वाले बोर्ड हटाए जाने लगे।
इस संबंध में आसनसोल उत्तर के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि बोर्ड का भंग होना पहले से तय था। उनके अनुसार, नगर निगम का बोर्ड प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा था और आम लोगों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बोर्ड का भंग होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

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