नादनघाट : सुबह-सुबह एक भीषण हादसे में कई स्कूली बच्चे और स्थानीय नागरिक बाल-बाल बच गए। शुक्रवार सुबह यह घटना नादनघाट थाना क्षेत्र के दादपुर इलाके में घटी। बड़ा हादसा टल जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दादपुर और कुतिरडांगा के बीच से खड़ी नदी बहती है। मानसून की बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और पानी के बहाव के साथ लगातार भारी मात्रा में जलकुंभी (पाना) बहकर आ रही है। यहां नदी के दोनों छोरों पर रस्सी बांधकर छोटी नाव को खींचते हुए लोग पार करते हैं। शुक्रवार सुबह भी जब यात्री और छात्र नाव से नदी पार कर रहे थे, तभी तट पर पहुंचने से महज कुछ सेकंड पहले नाव जलकुंभी में फंसकर अचानक पलट गई।
सौभाग्य से नाव किनारे के बिल्कुल करीब थी, जिसके चलते उसमें सवार छात्रों और यात्रियों ने तुरंत छलांग लगाकर किनारे पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। नाव पानी में डूब गई, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के समय इस नदी को पार करना जानलेवा साबित होता है। हर साल एक अस्थायी बांस का पुल बनाया जाता है, जो पानी के तेज बहाव में बह जाता है। इस साल अभी तक बांस का पुल भी नहीं बना था, जिसके कारण लोग जान जोखिम में डालकर रस्सी से नाव खींचकर पार करने को मजबूर थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द एक स्थायी पक्के पुल का निर्माण कराया जाए ताकि रोज-रोज के इस खतरे से मुक्ति मिल सके।


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