डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा— प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को सही दिशा दिखाता है
रानीगंज- श्री गुरुनानक विद्यालय हाई स्कूल में शुक्रवार को महान कथाकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई.कार्यक्रम का शुभारंभ मुंशी प्रेमचंद की प्रतिकृति पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में साहित्यकार डॉ. रवि शंकर सिंह उपस्थित थे. वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में राम सिंह एवं दीपक सौंथालिया मौजूद रहे. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं सोनाली कुमारी और शिवम मंडल ने मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की हिंदी शिक्षिका पूर्णिमा रजक ने किया.
मुख्य अतिथि डॉ. रवि शंकर सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में प्रेमचंद के साहित्य में निहित यथार्थ और आदर्श के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने प्रेमचंद की प्रसिद्ध रचनाओं ‘बूढ़ी काकी’, ‘गबन’ तथा ‘दो बैलों की कथा’ का उल्लेख करते हुए बताया कि उनका साहित्य आज भी सामाजिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और नैतिकता का सशक्त संदेश देता है. उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की रचनाएं वर्तमान समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके जीवनकाल में थीं.
डॉ. सिंह का लगभग 90 मिनट का व्याख्यान विद्यार्थियों ने पूरे ध्यान और तन्मयता के साथ सुना. कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य.ऋषिकेश त्रिपाठी ने विद्यालय परिवार की ओर से डॉ. रवि शंकर सिंह के प्रति आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया.



0 टिप्पणियाँ