कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बारुईपुर घटना के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान उस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सरेआम अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में नया उबाल आ गया है।मिली जानकारी के अनुसार, बारुईपुर में नाबालिग के साथ हुई घटना के विरोध में कालीघाट तृणमूल कांग्रेस की ओर से बालीगंज फाड़ी से हाजरा तक एक विरोध मार्च निकाला गया था। इस मार्च के दौरान विपक्षी समर्थकों द्वारा 'चोर-चोर' के नारे लगाने और 'माछ चोर' (मछली चोर) गाना बजाने को लेकर दोनों पक्षों में भारी धक्का-मुक्की और तनाव पैदा हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पार्टी कार्यकर्ताओं को संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खुद ममता बनर्जी को सड़क पर उतरना पड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भारी अव्यवस्था और धक्का-मुक्की के बीच ममता बनर्जी अचानक अपना आपा खो बैठीं। भीड़ को हटाने के प्रयास के दौरान उन्होंने सामने मौजूद अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को सरेआम सपाटे से थप्पड़ मार दिया। इसके साथ ही उन्होंने हाथ में माइक लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं पर चिल्लाते हुए 'बाहर निकलो' (बेरो बेरो) और 'मुझे परेशान मत करो' (डोंट डिस्टर्ब मी) जैसी बातें भी कहीं।इस घटना को लेकर विपक्ष ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा (BJP) ने चुटकी लेते हुए कहा कि चुनावों में मिली शिकस्त और जनता के भारी आक्रोश को देखकर ममता बनर्जी अपनी मानसिक स्थिरता खो रही हैं, यही वजह है कि वे अब अपनी ही पार्टी के लोगों पर गुस्सा निकाल रही हैं। वहीं, इस थप्पड़ कांड को लेकर फिलहाल तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक सफाई पेश नहीं की गई है।

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