बीरभूम: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में अवैध बालू खनन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन एवं पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए बालू माफियाओं पर कड़ा शिकंजा कसा है। पिछले दो सप्ताह से चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान 30 लाख क्यूबिक फीट (CFT) से अधिक अवैध बालू जब्त की गई है, जबकि इस अवैध कारोबार से जुड़े 32 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह अभियान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एलआर) शुभम अग्रवाल (आईएएस) तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीलेश गायकवाड़ (आईपीएस) के नेतृत्व में चलाया गया। खुफिया सूचना के आधार पर मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र के गिरजापुर और मौलईघाट बालू घाटों पर संयुक्त छापेमारी की गई। जांच के दौरान ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार अधिकारी (BL&LRO) ने पुष्टि की कि बालू के भंडारण के लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद राजस्व और पुलिस अधिकारियों ने लेजर तकनीक एवं भौतिक सत्यापन के माध्यम से बालू की माप कर उसे जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान गिरजापुर घाट से 15.85 लाख CFT तथा मौलईघाट से 14.89 लाख CFT अवैध बालू जब्त की गई। इसके अलावा अवैध परिवहन में लगे 62 ट्रक और ट्रैक्टर भी पुलिस ने जब्त किए। रास्ते में पकड़े गए वाहनों से करीब 23 हजार CFT बालू भी बरामद हुई। पूरे अभियान के तहत विभिन्न थानों में 52 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं।
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज ने कहा कि इस संयुक्त अभियान का उद्देश्य केवल अवैध खनन रोकना ही नहीं, बल्कि बालू माफियाओं के पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा नदी घाटों पर चौबीसों घंटे निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में अवैध खनन की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की इस व्यापक कार्रवाई से जिले में सक्रिय बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और नदियों तथा पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर रोक लगेगी।


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