रानीगंज: आसनसोल नगर निगम के रानीगंज बोरो-2 कार्यालय के बाहर सीटू का झंडा हटाने के विवाद ने शनिवार को नया राजनीतिक मोड़ ले लिया. वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू की ओर से कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया. संगठन ने आरोप लगाया कि हाल ही में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने वहां लगा सीटू से संबद्ध रानीगंज म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन का लाल झंडा हटाकर उसकी जगह भाजपा का झंडा और राष्ट्रीय ध्वज लगा दिया था.
प्रदर्शन में सीटू रानीगंज कोऑर्डिनेशन कमेटी के संयुक्त संयोजक हेमंत प्रभाकर, रामकृष्ण चटर्जी, राज्य नेता सुप्रियो राय, बस्ती फेडरेशन के जिला सचिव संजय प्रमाणिक, डीवाईएफआई रानीगंज लोकल कमेटी के सचिव गौरव ढल्ल, महिला नेत्री कृष्णा दासगुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे.
सभा को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य नेता सुप्रियो राय ने कहा कि कानून के अनुसार किसी सरकारी कार्यालय के सामने मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन का झंडा लगाया जा सकता है, लेकिन किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजयुमो ने श्रमिक संगठन का झंडा हटाकर भाजपा का झंडा लगा दिया, जबकि प्रशासन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सका है.
सुप्रियो राय ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वामपंथी संगठन इस घटना को बर्दाश्त नहीं करेगा और श्रमिक संगठन का झंडा पुनः उसी स्थान पर लगाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता भविष्य में भाजपा को भी राजनीतिक रूप से जवाब देगी.
गौरतलब है कि रानीगंज म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन वर्ष 1955 में गठित हुई थी और वर्तमान में सीटू से संबद्ध एक मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन है. हालांकि इस मामले में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.



0 टिप्पणियाँ