कोलकाता, : पश्चिम बंगाल के चर्चित ‘हस्ताक्षर जालसाजी’ (सई कांड) मामले में जांच तेज करते हुए राज्य की सीआईडी की एक विशेष टीम मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंची। यह आवास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास परिसर का हिस्सा माना जाता है। मामले में लगातार समन जारी किए जाने के बावजूद अभिषेक के जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं होने के बाद सीआईडी ने एक बार फिर नोटिस तामील कराने की कोशिश की।
यह मामला उस शिकायत से जुड़ा है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने आरोप लगाया था कि विधानसभा में विपक्ष के नेता और मुख्य सचेतक के चयन के लिए सौंपी गई सूची में कई विधायकों के हस्ताक्षर जाली हैं। शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच सीआईडी को सौंप दी गई थी। दोनों शिकायतकर्ता विधायकों को बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 1 जून और 8 जून को भवानी भवन में पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने जबड़े और गर्दन में दर्द का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा था। फिलहाल वह दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल होने गए हैं।
इस बीच अभिषेक बनर्जी ने कहा कि एजेंसियां चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती हैं, लेकिन वह किसी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। मामले को लेकर राज्य की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है।

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