बाँकुड़ा (पश्चिम बंगाल): बाँकुड़ा नगर पालिका में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगर पालिका की चेयरपर्सन अलका सेन मजूमदार के खिलाफ उनकी ही पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 16 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। मंगलवार को उपाध्यक्ष (वाइस चेयरपर्सन) सहित कुल 16 टीएमसी पार्षद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय पहुंचे और लिखित रूप में अपना अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।
बाँकुड़ा नगर पालिका में कुल 24 पार्षद हैं, जिनमें 21 तृणमूल कांग्रेस के हैं। इसके अलावा तीन निर्दलीय पार्षद थे, जिनमें से एक बाद में तृणमूल कांग्रेस और एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। अब तक नगर पालिका की चेयरपर्सन के पद पर अलका सेन मजूमदार कार्यरत हैं।
बागी पार्षदों का आरोप है कि राज्य में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद से ही चेयरपर्सन भाजपा के प्रभाव में काम कर रही हैं। उनका दावा है कि नगर पालिका की पिछली बोर्ड बैठक में अलका सेन मजूमदार ने अन्य पार्षदों को भी भाजपा के निर्देशों के अनुसार अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य करने की सलाह दी थी।
असंतुष्ट पार्षदों का कहना है कि चेयरपर्सन की "एकाधिकारवादी कार्यशैली" और भाजपा के साथ कथित सांठगांठ को वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते। इसी कारण उन्होंने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर चेयरपर्सन अलका सेन मजूमदार ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
इस घटनाक्रम के बाद बाँकुड़ा नगर पालिका की राजनीति में नया मोड़ आ गया है और अब सभी की निगाहें आगे की प्रशासनिक एवं राजनीतिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

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