रानीगंज: ममता, त्याग और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति 'माँ' को सम्मान देने के लिए रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स की लेडीज विंग द्वारा एक भव्य मातृ अभिनंदन संध्या का आयोजन किया गया. शनिवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स भवन में "यशोदा-देवकी: एक माँ, दो तपस्या" शीर्षक के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया.
65 की उम्र पार कर चुकी माताओं का अभिनंदन
कार्यक्रम की मुख्य थीम मातृत्व को सम्मान रखी गई थी. इस विशेष अवसर पर चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों की उन पूजनीय माताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने 65 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है. कुल 33 माताओं का विशेष अभिनंदन किया गया, जिन्हें स्मृति चिन्ह और सम्मान देकर उनके द्वारा परिवार व समाज के लिए किए गए बलिदानों को याद किया गया.
इस शाम को और भी खास बनाया मुख्य अतिथि मिशन हॉस्पिटल, दुर्गापुर के चेयरमैन डॉ. सत्यजीत बोस और उनकी धर्मपत्नी स्नेहा बोस की उपस्थिति ने. डॉ. बोस ने अपने संबोधन में कहा की माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि संस्कार और शक्ति का स्रोत है. आज के इस दौर में हमें माताओं के आशीर्वाद के महत्व को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि हर सफल व्यक्ति के पीछे उसकी माँ की तपस्या छिपी होती है.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम का शीर्षक "यशोदा-देवकी: एक माँ, दो तपस्या" सांस्कृतिक मंचन के माध्यम से जीवंत हो उठा.कलाकारों ने माँ के दो रूपों—जन्म देने वाली और पालने वाली—के त्याग को दर्शाया, जिससे सभागार में मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं. यह आयोजन न केवल मनोरंजन, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास रहा.
इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने में निम्नलिखित पदाधिकारियों की अहम भूमिका रही रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सलाहकार राजेन्द्र प्रसाद खैतान,वाणी खेतान (चेयरपर्सन, रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स लेडीज विंग),जुगल किशोर गुप्ता (अध्यक्ष, रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स,अरुण भरतिया ( लेडीज विंग के सलाहकार),शरत कनोडिया ( महासचिव)
कार्यक्रम का समापन इस प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ कि सफलता की हर सीढ़ी माँ के आशीर्वाद से ही तय होती है. रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स की इस पहल की शहर के प्रबुद्ध जनों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है.


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