जामुड़िया- शनिवार की देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के किनारे स्थित बोगड़ाचटी मोड़ (वार्ड संख्या 32) इलाके में भीषण आगजनी से हड़कंप मच गया. इस भयावह घटना में सब्जी, मछली और अन्य घरेलू वस्तुओं की लगभग 11 अस्थायी दुकानें और दो ठेलागाड़ियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं.रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच हुई इस घटना ने कई छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी छीन ली है.
स्थानीय लोगों की मुस्तैदी और दमकल की कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शी देवजीत गोराई और अन्य स्थानीय निवासियों के अनुसार, आधी रात को अचानक लपटें उठती देख इलाके में दहशत फैल गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया और खुद भी आग बुझाने में जुट गए. जामुड़िया थाने की श्रीपुर फाड़ी की पुलिस और दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया. कुछ ग्रामीणों ने इसे शॉर्ट सर्किट का परिणाम बताया, तो कुछ ने जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका जताई है.
राजनीतिक घमासान: कृष्णाप्रसाद ने लगाया 'साजिश' का आरोप
रविवार सुबह भाजपा नेता कृष्णाप्रसाद ने घटनास्थल का दौरा किया.उन्होंने व्यापारियों के नुकसान पर दुख जताते हुए इसे एक "पूर्व नियोजित साजिश" करार दिया. कृष्णाप्रसाद ने दावा किया कि यह आग जानबूझकर लगाई गई है ताकि गरीब व्यापारियों को उजाड़ा जा सके. उन्होंने स्थानीय विधायक और मंत्री मलय घटक पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल केवल "लूट की राजनीति" कर रहे है. आसनसोल उत्तर थाने में आदिवासियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में अपनी गिरफ्तारी की मांग पर उन्होंने कहा, "यह मलय घटक की साजिश है. मैं 25,000 घरों में कंबल बांट चुका हूं, सीसीटीवी फुटेज सच्चाई बयान कर देगी. आदिवासियों के नाम पर राजनीति कर टीएमसी अपनी खिसकती जमीन बचाना चाहती है.पर भाजपा भी चुप बैठने वाली नही है, हमलोग भी पुलिस कमिश्नर, थाना तथा मंत्री मलय घटक के घर के बाहर घेराव करेंगे.
प्रशासन और सत्ता पक्ष का पक्ष
भाजपा नेता के जाने के बाद वार्ड पार्षद भोला हेला और टीएमसी श्रमिक नेता तारकेश्वर सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया. भोला हेला ने कृष्णाप्रसाद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस जमीन पर दुकानें थीं, वह निजी संपत्ति है. उन्होंने कहा कि मंत्री मलय घटक को सूचित कर दिया गया है और वे जल्द ही पीड़ितों की मदद के लिए ठोस कदम उठाएंगे. आसनसोल नगर निगम के एमएमआइसी सुब्रतो अधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मेयर से बात करने की बात की और आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया. उन्होंने बताया कि जामुड़िया बाईपास पर दमकल केंद्र बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने जमीन का निरीक्षण कर लिया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर त्वरित काबू पाया जा सकेगा.
अनिश्चित भविष्य के बीच व्यापारी
सालों से अपनी छोटी गुमटियों के जरिए परिवार पाल रहे व्यापारियों के सामने अब दोबारा दुकान खड़ी करने की गंभीर चुनौती है. प्रशासन ने जांच का आश्वासन तो दिया है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पीड़ित दुकानदार मुआवजे की बाट जोह रहे हैं.

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