रानीगंज- ईसीएल के कुनुस्तोरिया क्षेत्र अंतर्गत बांसड़ा सी-पिट खदान में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल (इंजीनियरिंग) विभाग के लगभग 150 कर्मियों ने कामकाज ठप कर जोरदार प्रदर्शन किया. श्रमिकों का आरोप है कि प्रबंधन जानबूझकर उन्हें रविवार के 'विशेष कार्य' (संडे ड्यूटी) से वंचित कर रहा है, जिससे न केवल उनकी आजीविका बल्कि खदान की सुरक्षा पर भी संकट मंडरा रहा है
रखरखाव की अनदेखी, सुरक्षा पर मंडराता खतरा
आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि खदानों में मशीनों की संख्या तो बढ़ा दी गई है, लेकिन उनके रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए कोई ठोस नीति नहीं अपनाई जा रही है. आमतौर पर रविवार का दिन मशीनों की मरम्मत और सुरक्षा जांच के लिए निर्धारित होता है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रबंधन केवल कोयला उत्पादन (काटने) पर ध्यान दे रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है.
"खदान बंद करने की सोची-समझी साजिश"
श्रमिकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खदानों में मैनपावर की भारी कमी के बावजूद उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने अंदेशा जताया कि प्रबंधन योजनाबद्ध तरीके से खदानों को बंद करने की साजिश रच रहा है. श्रमिकों के अनुसार रविवार को मेंटेनेंस न होने से मशीनों के खराब होने का डर बना रहता है.कार्यप्रणाली में बाधा आने से अंततः खदान को घाटे में दिखाकर बंद करने का बहाना मिल जाएगा.इंजीनियरिंग विभाग को जानबूझकर हाशिए पर धकेला जा रहा है.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रविवार सुबह से ही सी पिट खदान के मुहाने पर कार्य बहिष्कार करते हुए श्रमिकों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उन्हें रविवार का विशेष कार्य और उचित सम्मान नहीं मिला, तो यह आंदोलन और उग्र होगा. उन्होंने घोषणा की है कि आने वाले समय में सप्ताह में दो दिन आंदोलन किया जाएगा.
इस संबंध में श्रमिकों ने पहले ही प्रबंधन को लिखित शिकायत पत्र सौंप दिया है.
दूसरी और प्रबंधन की ओर से इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आई.
वहीं स्थानीय कुछ श्रमिको का यह भी मानना है कि फिलहाल प्रबंधन नियत समय पर श्रमिको का वेतन भुगतान नहीं कर पा रही है,ऐसे कठिन समय में प्रबंधन द्वारा संडे ड्यूटी या अन्य अतिरिक्त मांगे क्या स्वीकार कर पाने की स्थिति में है.


0 टिप्पणियाँ