बांकुडा-पेशे से निजी विद्यालय के आर्ट शिक्षक, लेकिन एक अलग पहचान बना चुके कलाकार के रूप में भी उनकी खासी प्रतिष्ठा है. पिछले कई वर्षों से शारदोत्सव से पहले एक से बढ़कर एक अनोखी प्रतिमा बनाकर सबको चकित कर दे रहे हैं. बांकुड़ा शहर के जूनबेदिया निवासी इंद्रनील चट्टोपाध्याय.
सरसों और गेहूं के ऊपर सपरिवार देवी दुर्गा की प्रतिमा बनाने के बाद, इस बार उन्होंने तैयार की है बोतल बंद दुर्गा. यानी एक साधारण खीरे की खाली बोतल के अंदर विशेष तकनीक से मिट्टी से बनी नाव पर विराजमान मां दुर्गा और उनके चारों संतानों की प्रतिमा.साथ में है मां का वाहन—सिंह भी.
इस अनोखी प्रतिमा को देखने के लिए पहले ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है चट्टोपाध्याय परिवार के घर पर। उनकी इस कलाकारी को देखकर लोग खूब सराहना भी कर रहे हैं.
विशेष प्रतिभा के धनी इंद्रनील चट्टोपाध्याय का कहना है, “बचपन से ही मुझे चित्रकारी से लगाव रहा है और लगातार आर्ट करता रहा हूं.कुछ अलग करने की सोच से ही इस तरह की कला संभव हो सकी. लगभग एक महीने की मेहनत से, सिर्फ एक तार के सहारे मैंने बोतल के अंदर मिट्टी से बनी सपरिवार दुर्गा प्रतिमा तैयार की है.”

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