रानीगंज: कोलफील्ड टिंबर एंड शा मिल्स ओनर्स एसोसिएशन की 42वीं वार्षिक साधारण सभा का आयोजन रानीगंज के श्री सीताराम जी भवन में किया गया. इस महत्वपूर्ण सभा में दुर्गापुर से लेकर बराकर तक और झारखंड की सीमा तक फैले संगठन के लगभग 150 सदस्य उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के दौरान संगठन के अध्यक्ष संजय तिवारी ने व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उनका संगठन एक विस्तृत क्षेत्र में कार्यरत है और आज की बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यवसाय को और अधिक बेहतर बनाने की रणनीतियों पर विचार करना था.
संजय तिवारी ने संगठन की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां हर दो साल में चुनाव की प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन संगठन के वरिष्ठ सदस्य आपसी सहमति से अध्यक्ष और सचिव सहित पूरी कमेटी का गठन करते हैं.
वर्तमान व्यवसाय की चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री तिवारी ने कहा कि यह क्षेत्र लगातार मुश्किल होता जा रहा है.इस संबंध में संगठन द्वारा समय-समय पर प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ बैठकें भी की जाती रही हैं. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि व्यवसाय में बढ़ती चुनौतियों के कारण संगठन के सदस्यों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है.
एक महत्वपूर्ण विषय पर बात करते हुए संजय तिवारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में ही सदस्यों को अपना लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की अनुमति है, जबकि यह सुविधा अन्य राज्यों में उपलब्ध नहीं है. हालांकि, पश्चिम बंगाल में भी 30 जून तक लाइसेंस हस्तांतरण पर रोक लगी हुई है. उन्होंने कहा कि यदि इस प्रतिबंध को हटा दिया जाए तो टिंबर व्यवसाय से जुड़े सदस्यों की घटती संख्या को कुछ हद तक बढ़ाया जा सकता है.
लकड़ी के व्यापार पर मंडराते खतरे पर अपनी राय व्यक्त करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में उनका व्यापार मुख्य रूप से विदेश से आने वाली लकड़ियों पर निर्भर है. यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में इस व्यवसाय को आगे बढ़ाना मुश्किल हो जाएगा.
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष संजय तिवारी, उपाध्यक्ष हरीश सेठ, सचिव कृष्णकांत बनर्जी और कोषाध्यक्ष कैलाश कयाल के साथ संगठन के अन्य सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे. सभी सदस्यों ने व्यवसाय से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की और आगे की कार्य योजनाओं पर विचार-विमर्श किया.


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