बांकुरा: पश्चिम बंगाल समवाय बचाओ मंच के स्थापना दिवस पर बांकुरा जिले की सहकारी समितियों ने एकजुट होकर सहकारी आंदोलन को बचाने के लिए संकल्प लिया है। समितियों ने बांकुरा के डीआरसीएस को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपकर 10 सूत्री मांगों को रखा है।
मुख्य मांगें:
सभी स्तरों पर सहकारी समितियों में तत्काल चुनाव: लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सभी स्तरों पर सहकारी समितियों में चुनाव कराना।
लूटे गए धन की वसूली और दोषियों पर कार्रवाई: बांकुरा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक सहित विभिन्न सहकारी समितियों से लूटे गए धन की वसूली करना और दोषियों को सजा देना।
किसानों के हित में कदम: किसानों से धान की खरीद के लिए सहकारी समितियों में समुचित बुनियादी ढांचा विकसित करना, किसानों को 4% ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना और माइक्रो-फाइनेंस कंपनियों द्वारा किसानों पर हो रहे अत्याचारों को रोकना।
वैद्यनाथन कमिटी की सिफारिशें लागू करना: सहकारी क्षेत्र में सुधार के लिए गठित वैद्यनाथन कमिटी की सिफारिशों को लागू करना।
ज्ञापन में क्या कहा गया?
ज्ञापन में कहा गया है कि सहकारी समितियां किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास का आधार हैं। लेकिन भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण ये समितियां कमजोर हो गई हैं। किसानों को समय पर ऋण और उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
जिला प्रशासन को भी सौंपा ज्ञापन
इस ज्ञापन की एक प्रति बांकुरा के जिला शासक को भी सौंपी गई है और उनसे इस मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।


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