कोलकाता। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुभेंदु अधिकारी संदेशखाली के लिए रवाना हुए थे, लेकिन इसके बावजूद उनको रोक दिया गया।
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का संदेशखाली लगातार चर्चा में हैं। बीते दिनों से लगातार हुई हिंसा और महिलाओं से रेप की घटनाओं के बाद राजनीति हलचल जारी है। अत्याचारों और यौन उत्पीड़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इलाके में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मंगलवार को भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी संदेशखाली जाने वाले थे लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। शुभेंदु अधिकारी ने संदेशखाली जाने की कोलकाता हाई कोर्ट की अनुमति ली थी लेकिन भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें वहां जाने से रोका, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया और शुभेंदु अधिकारी वहीं पर धरने पर बैठ गए।
कोलकाता हाई कोर्ट ने बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को अशांत क्षेत्र संदेशखाली में कोई भी भड़काऊ भाषण नहीं देने या किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा नहीं करने का भी निर्देश दिया था। इस शर्त के साथ उन्हें वहां जाने की अनुमति दी थी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'मैं वहां जाना चाहता हूं और स्थानीय लोगों से बात करना चाहता हूं। मैं वहां के लोगों के साथ खड़ा रहना चाहता हूं।' संदेशखालि में घटनाक्रम की कवरेज के लिए पहुंचे एक बंगाली समाचार चैनल के एक पत्रकार को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि पत्रकार को एक स्थानीय महिला के घर में जबरन घुसने की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। कोलकाता प्रेस क्लब ने गिरफ्तारी की निंदा की है।









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