रानीगंज- एनएसबी रोड अमृत कुंज आश्रम के विपरीत सदानंद चक्रवर्ती लेन स्थित गंगा विलास फार्म हाउस में पांच दिवसीय मां काली, भगवान शिव और हनुमान जी के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर आयोजित श्री महाशतचंडी यज्ञ का आयोजन का समापन यज्ञ के पूर्णाहुति से मंगलवार को सम्पन्न हुई. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित प्रसिद्ध मां विध्यवासिनी देवी की भूमि से पधारे पंडित पद्माकर मिश्रा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार एवं सम्पूर्ण विधि विधान से इस शतचंडी यज्ञ को पूरा किया गया .
इस महाशतचंडी महायज्ञ के आयोजक सारडा परिवार के वरिष्ठ सदस्य राम कुमार सारडा ने बताया कि मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए जिस यज्ञ का आयोजन किया जाता है उसे शत चंडी यज्ञ कहा जाता है. इस चंडी यज्ञ को बहुत ही प्रभावशाली और शक्तिशाली यज्ञ माना जाता है. इस यज्ञ के आयोजन से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है. कुंडली में मौजूद बुरे ग्रहों का प्रभाव कम होता है. सौभाग्य में वृद्धि होती है. शत चंडी यज्ञ के आयोजन से आपके शत्रुओं का नाश होता है और कार्यक्षेत्र में आने वाली बाधाएं खत्म हो जाती है.
श्री सारडा ने बताया कि गंगा विलास फार्म हाउस में स्थित मां काली, भगवान शिव व बजरंग बली का मंदिर करीब चार दशक पुराना है, इस मंदिर का जीर्णोद्धार के पश्चात मां काली, भगवान शिव व हनुमानजी के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही हैं. मां विंध्यवासिनी की पवित्र नगरी विध्याचल से पधारे परम पूज्य पंडित पद्माकर मिश्रा जी के सानिध्य में प्रकांड पंडितों ने इस महायज्ञ को सफल बनाया है. आयोजक सदस्य विशाल सारडा ने बताया कि गंगा विलास फार्म हाउस स्थित मां काली, भगवान शिव व हनुमानजी के प्रति भक्तों में गहरी आस्था व श्रद्धा हैं.मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा और महाशतचंडी यज्ञ में शहर के तमाम लोग अपने इष्ट मित्र रिश्तेदारों के साथ शामिल होकर पुण्य अर्जित किया .आयोजन को सफल बनाने में शिव कुमार सारडा,सिदार्थ सारडा एवं उनके पूरे परिवार के सदस्यों की अहम भूमिका रही.


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