रांनीगंज- कालीपूजा के तुरंत बाद, रानीगंज बल्लभपुर पेपर मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड कारखाना प्रबंधन ने अस्थाई उत्पादन बंद का लगाया नोटिस. इस नोटिस के तहत मिल प्रबंधन का कहना है कि मिल अधिकारियों ने कागज उत्पादन के लिए कच्चे माल की अपर्याप्तता के कारण पेपर मिल के उत्पादन को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है. बल्लभपुर पेपर मिल पदाधिकारियों ने गुरुवार रात नोटिस जारी कर सिर्फ स्थाई कर्मचारियों को काम में शामिल होने की बात कही, लेकिन अस्थाई और बदली कर्मियों को काम पर न आने का आदेश दिया . खबर फैलते ही अस्थाई और बदली कर्मियों में भारी रोष है . इस सम्बंध में सीटू से संबद्धित बंगाल पेपर मिल लेबर यूनियन ने जिला संयुक्त श्रम अधिकारी को पत्र लिखकर फैक्ट्री में बदलि व ठेका कर्मियों समेत सभी स्थायी कर्मचारियों को रखने की मांग की है. शुक्रवार को सीटू नेता हेमंत प्रभाकर और संतोष बाउरी के नेतृत्व में पेपरमिल के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया . इस संदर्भ में सीटू नेता हेमंत प्रभाकर ने कहा कि 27 तारीख को दोपहर में अचानक कारखाने की तरफ से यह नोटिस जारी कर दिया गया कि अस्थाई और बदली श्रमिक काम पर ना आए सिर्फ स्थाई श्रमिक ही काम पर आएं. उन्होंने कहा कि ऐसा करके कारखाना प्रबंधन इस कारखाने को बंद करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि प्रबंधन में आंतरिक विवाद शुरू हो गया है इसके साथ ही फंड की कमी की वजह से श्रमिको का वेतन भी नहीं दे पा रहे हैं. यही वजह है कि इस तरह का बहाना बनाकर वह कारखाने को बंद कर देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यह इस तरह से अस्थाई श्रमिकों के साथ अन्याय नहीं कर सकते क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश है कि जो भी अस्थाई श्रमिक स्थाई कर्मचारियों की तरह काम करते हैं उनको भी समान कार्य के लिए समान वेतन देना पड़ेगा. वहीं उन्होंने कहा कि कच्चे माल की कमी का जो बहाना बनाया जा रहा है वह भी स्वीकार्य नहीं है ,क्योंकि ऐसा नहीं है कि बाजार में कच्चा माल नहीं है. यह प्रबंधन की नाकामी है कि वह कच्चा माल नहीं ला पा रहे हैं. पैसे की कमी इसका मुख्य कारण है .ऐसे में श्रमिक इसका खामियाजा क्यों भुगते.उन्होंने कहा कि सीटु यह मांग करता है कि सरकार प्रबंधन और श्रमिक संगठन के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक कर मिल की स्थिति से अवगत कराएं.











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