नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोप पर भाजपा ने केएनयू गेट पर प्रदर्शन कर अतिरिक्त जिला शासक को सौंपा ज्ञापन




आसनसोल : आसनसोल जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा कमेटी के द्वारा मंगलवार को काजी नजरूल विश्वविद्यालय में नियुक्ति में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय गेट पर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद युवा मोर्चा के जिला सभापति संतोष मुखर्जी ने अतिरिक्त जिलाशासक शिक्षा संजय पाल को उनके कार्यालय में जाकर एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें केएनयु के असिस्टेंट प्रोफेसर मोनालिसा दास को हटाने की मांग की गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉक्टर साधन चक्रवर्ती के भी इस पद पर बैठाने के लिए सवालिया निशान उठाया गया है। इसके पहले युवा मोर्चा कार्यकर्ता सैकड़ों की तादाद में जुलूस के शक्ल में काजी नजरुल विश्वविद्यालय के गेट पर पहुंचे। वहां भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। वे लोग विश्वविद्यालय बंद गेट को तोड़कर अंदर जाना चाहते थे। लेकिन पुलिस वहां तैनात थी। पुलिस के जवानों ने उन लोगों को भीतर जाने से रोका। इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुलिस के जवानों के साथ जोर आजमाइश की। कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़कर भाजपा के झंडा भी लगा दिए। हालांकि बाद में समझाने के बाद वे लोग गेट के पास से हटे। इस दौरान भाजयुमो नेता बप्पा चटर्जी ने कहा कि आज यह आंदोलन शिक्षक नियुक्ति घोटाले के खिलाफ शुरू किया गया है। जिस तरह काजी नजरूल विश्वविद्यालय में शिक्षकों के नियुक्ति में भ्रष्टाचार हुआ है। उसकी जांच की मांग करने के लिए आज अतिरिक्त जिला शासक शिक्षा को एक ज्ञापन भी सौंपे हैं। शिक्षक नियुक्ति घोटाले में ईडी ने पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया है। उनके साथ उनकी करीबी एक महिला अर्पिता मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया है। जिनके घर से रुपए का अंबार निकल रहा है। इस मामले में मोनालिसा दास का भी नाम आया है। इसलिए वे लोग चाहते हैं की मोनालिसा को विश्वविद्यालय से हटाया जाए। उन पर भी जांच बिठाई जाए, तो उनके भी घर से नोट का पहाड़ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के जो उपकुलपति हैं। उनको यहां कैसे नियुक्त किया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। बप्पा चटर्जी ने कहा कि यहां के जो मंत्री हैं। उनको चार बार ईडी ने समय देकर बुलाया। लेकिन वह ईडी के डर से उनसे नहीं मिल रहे हैं। सब कोई जानता है कि आसनसोल में उनके बिना इजाजत के एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। वे भी ईडी के रडार पर हैं। उनका भी हाल पार्थ चटर्जी के जैसा होने वाला है। वही युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोष मुखर्जी ने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 9 करोड रुपए आया था। लेकिन अभी भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। यहां नए-नए विभाग को खोलने की अनुमति सरकार दे रही है। लेकिन इसका कोई इन्फ्राट्रक्चर नहीं है। जो पैसा आया। वह कहां गया। इसका जवाब आम जनता के सामने विश्वविद्यालय प्रबंधन को रखना चाहिए।

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