आसनसोल : शिक्षक नियुक्ति घोटाला में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के ईडी द्वारा गिरफ्तार करने की मामला बंगाल भाजपा के लिए संजीवनी का काम कर रहा है क्योंकि विधानसभा, नगर निगम चुनाव हारने के बाद भाजपा के अंदर आपसी कलह मची हुई थी। लेकिन शिक्षक नियुक्ति घोटाला का मुद्धा भाजपा कार्यकर्ताओं में स्फूर्ति ला दी है। इसको लेकर भाजपा कार्यकर्ता आपकी कलह को भूल कर सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रहे है। इस मुद्दे को भाजपा पूरी तरह से राजनीतिक रूप से भुनाना चाह रही है। इसी के तहत बुधवार को आसनसोल जिला भाजपा कमेटी के द्वारा बीएनआर स्थित रविंद्र भवन के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें जिलाध्यक्ष दिलीप दे, विधायिका अग्निमित्रा पाल, पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी, तापस राय ओम नारायण, राम अधिकारी, आशा शर्मा समेत कोई भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस से राजनीतिक स्तर पर ही मुकाबला करेगी। भाजपा सत्ता में अवश्य आएगी। हालांकि यह समय निश्चित नहीं है। 6 महीना, 1 साल या 2 साल बाद भाजपा को सत्ता में आना तय है। लेकिन शिक्षक नियुक्ति घोटाला ने बंगाल के गरिमा पर जो कालिख पोत दिया। इस क्षति को पूर्ण करने में काफी वक्त लगेगा। शिक्षा के मामले में बंगाल की अपनी एक पहचान थी। पूरे देश में बंगाल के लोगों को शिक्षा के दृष्टिकोण से सम्मानित ढंग से देखा जाता था। लेकिन जिस तरह पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी के पास से रुपए और अचल संपत्ति का खुलासा हो रहा है। यह घटना बंगाल के शिक्षित समाज को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। बंगाल के विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है जिस तरह पैसा लेकर अयोग्य लोगों को शिक्षण संस्थान में बैठा दिया गया। इससे बंगाल का शिक्षा स्तर काफी गिर जाएगा। यह बंगाल के विद्यार्थियों के साथ एक भद्दा मजाक है। शिक्षक नियुक्ति घोटाला केवल पैसा का घोटाला ही नहीं है, बल्कि बंगाल के गरिमा के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।

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