दुर्गापुरःपंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रदीप मजूमदार, जिनका ग्रामीण बंगाल के लोगों के साथ घनिष्ठ संबंध है, जिनका मिट्टी से घनिष्ठ संबंध है। आज मंगलवार की सुबह को किसानों के साथ हल लेकर मैदान में उतर गए । राज्य सरकार कृषि कार्यों में तेजी लाने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत ला रहे है। उन किसानों के साथ अच्छा संपर्क बनाने के लिए वह सीधे धान के मैदान में गमछा पहन कर उतर गए हल लेकर खेती करने के लिए। डीजल के दाम बढ़ने से किसान मशीनरी से खेती नहीं कर पा रहे हैं। जमीन पर जुताई के लिए हल का प्रयोग फिर से शुरू हो गया है। किसान धान के बीज बोने से पहले जमीन की जुताई में लगे हैं। मंगलवार की सुबह भी रूपगंज, कांकसर के किसान बैल के द्वारा जमीन जोत रहे थे. मंत्री प्रदीप मजूमदार ने किसानों के साथ मिलकर गमछा पहन कर हल चलाना शुरु कर दिया। उन्होंने किसानों के साथ हर पल खड़े रहने का संदेश दिया। मंत्री के इस कार्य को देखकर से किसान भी प्रभावित हैं। किसानों का दावा है कि खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ रहा है। बुध बुध के देबसाला इलाके के लोगों ने आज सुबह सेज दफ्तर के अधिकारियों को घेर कर विरोध प्रदर्शन किया उनके खेतों में डीभीसी का पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण उस क्षेत्र के लोग खेती नहीं कर पा रहे हैं इस संबंध में प्रदीप मजेदार से पूछे जाने पर बताया कि सेज दफ्तर की से हमें बात हुई है सुबह में मगर डीभीसी ने जो पानी छोड़ा है वह पानी पर्याप्त नहीं है कारण बैरेज का पानी का लेयर कब जा रहा है जिसके कारण पीने के पानी की असुविधा होने लगेगी इसी के चलते पानी को नहीं छोड़ा गया है प्रदीप मजेदार ने कहा कि हम लोग काफी चिंतित हैं मगर हमें उम्मीद थी कि कल से बारिश होगी मगर पश्चिम बंगाल में नहीं होने के कारण काफी समस्या उत्पन्न हो रही है किसानों को और कहा कि अगर किसान खेती नहीं कर पाते हैं तो सरकार मुआवजा देगी।

0 टिप्पणियाँ