आसनसोल : कोयला तस्करी मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में अपनी प्रारंभिक आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। 20 महीने बाद सीबीआई ने मंगलवार की दोपहर बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। जिसमें मुख्य अभियुक्त अनूप माझी उर्फ लाला को बनाया गया है।दूसरा अभियुक्त विनय मिश्रा है, जो कोलकाता के प्रेसिडेंसी जेल में बंद है। वही दो मुख्य अभियुक्त फरार दिखाया गया है। जिसमें विनय मिश्रा के भाई और रत्नेश वर्मा उर्फ रत्नेश्वर वर्मा शामिल है। इसके अलावा इस आरोप पत्र में लाला के करीबी चार कोयला करोबारियो का नाम भी शामिल है। जो अभी जमानत पर हैं। इसमें जय देव मंडल, नारायण खरका उर्फ नारायण नंदा, नीरज मंडल और गुरुपद मांजी है। इसके अलावा ईसीएल अधिकारियों का भी नाम इसमें शामिल है। जिन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। वह हैं सुशांत बनर्जी, अभिजीत मलिक, तन्मय दास, सुभाष चंद्र मेत्रा, मुकेश कुमार, देवाशीष मुखोपाध्याय रिंकू बहरा और सुभाष मुखोपाध्याय। सुभाष मुखोपाध्याय 3 दिन सीबीआई की हिरासत में रहे सोमवार को उन्हें 14 दिन के लिए आसनसोल जेल में भेजा गया है। वही इस आरोपपत्र में जमुड़िया, रानीगंज दुर्गापुर के 10 निजी कारखाना और उनके निदेशकों के नाम शामिल है। साथ ही अवैध कोयला कारोबार में शामिल लठुआ शमशेर धोरी समेत 15 लोगों का नाम भी शामिल है। जो 27 सितंबर 2020 को सीबीआई ने कोयला मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। केस नंबर आरसी 20/22 के तहत इनका नाम दर्ज किया गया था। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक आरोप पत्र प्रारंभिक है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी। वैसे वैसे आरोप पत्र में और लोगों का नाम शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक आरोप पत्र में शामिल लोगों के नाम से कोयला उद्योग में हड़कंप मच गया है।

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