जामुड़िया - वर्ष 2000 से लायंस क्लब ऑफ जामुड़िया द्वारा संचालित जामुड़िया के नंदी रोड स्थित एमबी लायंस अस्पताल में बुधवार प्रातः प्रबन्धन द्वारा अचानक ताला जड़ देने से अस्पताल में कार्य कर रहे नर्स ओर चिकित्सक परेशानी में पड़ गये ,वहीं इलाज कराने लोगों को भी अस्पताल में ताला लग जाने के कारण बगैर इलाज कराये वापस अपने घर जाना पड़ा.जामुड़िया लायंस क्लब द्वारा संचालित इस अस्पताल में अचानक मारे गये ताला के बारे में पूछे जाने पर नर्स ममता दास ने बताया कि यहाँ 2 आर एम ओ लेकर हमलोग कुल 15 स्टाफ हैं. आज सुबह अचानक आकर एमबी लायंस अस्पताल के प्रबंधन ने अस्पताल के मुख्य गेट एवं दवाखाना में ताला लगाकर चले गए, जिसके कारण हमलोगो तथा यहाँ पर इलाज कराने के लिए आये लोग बगैर इलाज करायें वापस अपने घर जा रहे हैं. इस संबंध में एमबी लायंस अस्पताल के चेयरमैन पवन मावंड़िया ने बताया कि वर्ष 2000 से लायंस क्लब ऑफ जामुड़िया द्वारा अस्पताल संचालित की जा रही है .वर्ष 2019 में यह अस्पताल चलाने के लिए जामुड़िया के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अमिताभ सरकार को ₹25000 भाड़ा में दिया गया था, परंतु कोरोना काल होने से के कारण कई महीनों के उनसे भाड़ा नहीं लिया गया,ततपश्चात भाड़ा घटाकर ₹10000 कर दिया गया. वहीं अस्पताल के लाइसेंस का नवीनीकरण(रिन्यूअल) ना होने के कारण अमिताभ सरकार को फिलहाल अस्पताल में इंडोर इलाज बंद कर सिर्फ आउट डोर इलाज चलाने के लिए कहा गया था, परंतु वह हम लोगों की बात को नहीं मान रहे थे , मंगलवार को लायंस क्लब द्वारा अस्पताल के बाहर एक बैनर भी लगा दी गई कि यहां पर सिर्फ आउटडोर ही इलाज की जाएगी परंतु उस बैनर को भी उन लोगों ने उखाड़ कर फेंक दिया .ऐसी स्थिति में बिना लाइसेंस के अस्पताल चलाने का जोखिम लायंस क्लब नहीं ले सकती है एवं लोगों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल प्रबंधन ने अस्पताल को बंद करने का निर्णय लिया है. दूसरी और इस संबंध में अस्पताल के संचालक अमिताभ सरकार ने बताया की उक्त अस्पताल का लाइसेंस बीते 7 वर्षों से नवीनीकरण नहीं की गई है, एवं बीते 23 जून को मुझे इस बात की जानकारी मिली तो मैं जब अस्पताल के चेयरमैन पवन अग्रवाल एवं सचिव सुचित्र बनर्जी से मिलने गया ,एवं अस्पताल के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है तो उन्होंने हटात 7 दिन के भीतर अस्पताल को बंद करने की बात कहा, जबकि हम लोगों ने उनसे कम से कम 6 महीने का समय मांगा, एवं बिना लाइसेंस के किस प्रकार अस्पताल चल रही थी इसकी जानकारी भी हम लोगों ने पुलिस प्रशासन को दिया. रही बात आउटडोर इलाज के लिए लगाए गए बैनर को उखाड़ फेंकने के संबंध में कहा कि एक अग्नि दग्ध रोगी इलाज के लिए मंगलवार को लाया गया था,पर इंडोर के इलाज अस्पताल मे बंद होने की बात कहे जाने पर उत्तेजित होकर बोर्ड उखाड़ कर फेंक दिया. वहीं इस सम्बंध में पश्चिम बर्दवान जिला स्वास्थ्य अधिकारी शेख यूनुस से यह पूछे जाने पर आखिर इतने वर्षों से अस्पताल के लाइसेंस के नवीनीकरण न किये जाने के बाद भी अस्पताल किस तरह से चल रही है इस सम्बंध में उन्होंने बताया कि इस सम्बंध में उन्हें जानकारी नहीं है,जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.


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