रानीगंज - ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत महावीर कोलियरी का सर्वेक्षण करने कोल मंत्रालय के सहायक सचिव अवध सिंघल मंगलवार को पहुंचे.वर्षो से बन्द पड़े कोलियरी के बंद होने के कारणों के साथ-साथ वर्तमान में इस खनि क्षेत्र में क्या पुनः उत्पादन हो सकती है इस विषय को गंभीरता से देखा.
श्री सिंघल सर्वप्रथम महाबीर ओसीपी क्षेत्र में पहुंचे और ओसीपी कब बंद हुई किन कारणों से बंद हुई अब भविष्य में इस क्षेत्र से कोयला का उत्पादन संभव है या नहीं इसकी भी जांच पड़ताल किया. इसके अलावा इस खनि क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक एवं अवकाश ग्रहण कर चुके श्रमिकों से भी वार्तालाप किए. इसके अलावा क्षेत्र के दुकानदारों से भी मिले. उनके आमदनी से लेकर उनके यहां पर वह कब से स्थापित है इस पर बातचीत किया.यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि महावीर।कोलियरी 1989 खान दुर्घटना के बाद से ही भूमिगत खदान बंद हो गई थी. लेकिन उसके बाद इस क्षेत्र में ओसीपी के माध्यम से कोयले की निकासी की जा रही थी, जब तक खान में उत्पादन हो रहा था, श्रमिको की अच्छी खासी संख्या थी, अब वह बात नहीं है अब इस क्षेत्र में वही लोग रहते हैं जो कोलियरी के अन्य क्षेत्र में काम करते हैं.इस अवसर पर कुनुस्टोरिया एरिया के महाप्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे .


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