आसनसोल : पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाये जाने के विरोध में दक्षिण बंगाल के सबसे बड़े व्यवसायिक संगठन फास्बेक्की द्वारा गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान फोस्बेक्की के सदस्यों ने कन्यापुर से जुलूस निकालकर डीएम कार्यालय तक गये। वहां जिला शासक के माध्यम से केन्द्रीय वित्त मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। इसके जरिए केंद्र सरकार से पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट से जीएसटी हटाने की मांग की गई। इसके बाद होटल पार्वती में प्रेस कांफ्रेस किया गया। इस दौरान फास्बेक्की अध्यक्ष आरपी खेतान महासचिव सचिन राय पवन गुटगुटिया संजय तिवारी, सचिन बालोदिया, गुरविंदर सिंह सहित संगठन के तमाम जिलों से आए वाणिज्यिक चेंबरों के प्रतिनिधि शामिल थे।
इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष आरपी खेतान ने कहा कि जिस तरह से जीएसटी काउंसिल पैकेट दूध लस्सी आदि पर जीएसटी लगाने का फैसला लिया है। वह सर्वथा अनुचित है और इसे वापस लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी काउंसिल में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है और जीएसटी काउंसिल में केंद्र के साथ राज्य सरकार के वित्त मंत्री भी शामिल होते हैं तो क्या यह समझा जाए कि इस जनविरोधी फैसले में इस राज्य के सरकार की भी हां है? उन्होंने कहा कि अभी उनके संगठन की तरफ से आवेदन निवेदन की नीति अपनाई गई है। लेकिन बहुत जल्द संगठन की तरफ से छोटी-छोटी रैलियां निकाली जाएंगी और आसनसोल दुर्गापुर में सेंट्रल रैली निकालने का भी प्रस्ताव है। वही फासबेकी के महासचिव सचिन राय ने कहा की आजादी के बाद पिछले 75 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ की पैकेट दूध और लस्सी जैसे उत्पादों पर टैक्स लगाया गया हो लेकिन आज जब हम आजादी का 75 वां साल बना रहे हैं। ऐसे में इस तरह से इन उत्पादों पर टैक्स लगाना कहां तक जायज है उन्होंने कहा कि अब तो ऐसा लग रहा है कि सरकार किसी के मरने पर भी उस पर टैक्स लगाने की सोच रही है।


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