जामुड़िया: ईसीएल, बीसीसीएल बचाओ, कोल इंडिया बचाओ बैनर के तले बृहस्पतिवार को श्रमिक संगठन भारत की कोलियरी मजदूर सभा(सीटू) के तरफ से बिभिन्न एरिया कार्यालय में किया गया प्रदर्शन. कोल इंडिया के विभिन्न फैसलों के खिलाफ बृहस्पतिवार को कुनुस्तोरिया एरिया ऑफिस के बाहर में सी एम एस आई सीटू की तरफ से धरना प्रदर्शन किया गया.जेबीसीसीआइ मेंबर सुजीत भट्टाचार्य ने कहा कि जिस तरह से कोल इंडिया द्वारा बीसीसीएल, ईसीएल और सीएमपीडीआई को अलग करने की साजिश रची जा रही है ,उसे अविलंब बंद करना होगा . इसके साथ ही जेबीसीसीआई के 11 वें वेतन आयोग को लागू करने . सीएमपीडीआई एल और बीसीसीएल के 25% शेयर बिक्री के प्रस्ताव को रद्द करने. कॉल इंडिया के 160 खदानों को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश को बंद करने की मांग की गई. साथ ही ठेका श्रमिकों को हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित वेतन देने की भी मांग करने की बात कही गयी. बृहस्पतिवार को सर्वप्रथम एरिया कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर कुनुस्तोरिया एरिया जीएम को कई मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा गया.
इस मौके पर जीके श्रीवास्तव के अलावा मनोज दत्ता, गौरंगो चटर्जी ,शंभू चौधरी, मैनक मंडल ,अजीत कोड़ा, कलीमुद्दीन अंसारी सहित सी एम एस आई सीटू के तमाम कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे . इस मौके पर संगठन के मनोज दत्ता ने केंद्र सरकार की नीतियों को श्रमिक विरोधी जन विरोधी करार दिया और कहा कि जिस तरह से एक के बाद एक फैसले लिए जा रहे हैं. उससे बहुत जल्द श्रमिकों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो जाएगा. कलीमुद्दीन अंसारी ने कहा कि ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि सभी श्रमिक एकजुट होकर केंद्र सरकार की इन नीतियों की मुखालफत करें, और केंद्र सरकार को मजबूर करें कि वह अपनी नीतियों को रद्द करें. जिस तरह से कोल इंडिया के निजी करण की कोशिश की जा रही है उसे बाज आये.

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