आसनसोल : दामोदर नदी की सफाई के नाम पर नॉर्दन एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा बालू का अवैध खनन के आरोप ग्रामीणों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार शनिवार को जिला शासक कार्यालय में बैठक बुलाई गयी. मालूम हो कि पश्चिम बंगाल मिनिरल एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा दामोदर नदी का सफाई कार्य करवाया जा रहा है, ताकि नदी में बाढ़ की स्थिति ना आए.नदी की धारा यथावत रहे. साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था भी सुचारू रहे. इसको लेकर दो कंपनियों को ठेका दी गई है. लेकिन नदी के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों का आरोप था कि ठेकेदार द्वारा नदी के सफाई के नाम पर प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक बालू अवैध रूप से निकाले जा रहे हैं. इसके अलावा ग्रामीणों का आरोप है कि जो बालू निकाला जा रहा है,उसका ढुलाई नियम के विपरीत किया जा रहा है. बालू ढलाई 6 चक्का गाड़ी से करना चाहिए. 10 चक्का के गाड़़ी चलने से बालू की लोड ज्यादा हो जायगी. जिसके कारण सड़क खराब हो जाएगी. साथ ही बालू निकाल लिए जाने से उनको जलापूर्ति में परेशानी होगी. इन आशंकाओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की थी. इसी के मद्देनजर शनिवार को जिला शासक कार्यालय के एडीडीए के सभागार में एक बैठक की गई. जिसमें रानीगंज प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी अभीक बनर्जी, रानीगंज थाना प्रभारी, नीमचा फाड़ी प्रभारी रंजीत विश्वास ग्रामों के प्रतिनिधि में परेश मण्डल,अनल मुखर्जी,शिवदास कुमार,मलय मण्डल,देव नारायण दास और ठेका कंपनी के प्रतिनिधि शामिल थे. इस मौके पर प्रखंड पदाधिकारी अभिक बनर्जी ने बताया कि नदी की तलहटी में कचरा का जमाव ना हो पानी का फ्लो सही ढंग से रहे. बाढ़ ना आए और जलापूर्ति बेहतर ढंग से हो सके। इसको लेकर राज्य सरकार नदी सफाई करने की एक परियोजना चला रही है,जिसको लेकर नदी के आसपास रहने वाले अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति के लोगों को कुछ आशंकाएं हो गई थी.यह लोग इसे भावनात्मक मुद्दा बना लिए थे,जिनको लेकर आज बैठक की गई. योजना के बारे में बताया गया. उनकी भी समस्याओं को सुनी गई. सोमवार को एक टीम कार्य साइट का दौरा करेगी. नदी सफाई करने वाले कंपनियों को भी कहा गया है कि वे 6 चक्का का ही प्रयोग करें. वही ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं को बारे में बताते हुए कहा कि हम लोग का यही मांग है कि 6 चक्का से अधिक चक्का का वाहन ढुलाई के लिए उपयोग न किया जाए. हम लोग का सड़क सही रहे. हम लोग सरकारी परियोजना में कोई बाधा उत्पन्न करने नहीं चाहते हैं.



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