दुर्गापुर - राज्य सरकार के उत्कर्ष बांग्ला योजना के तहत तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की ओर से शुक्रवार को आसनसोल-दुर्गापुर प्राधिकरण भवन सभागार में प्रशाशनिक बैठक आयोजित की गई। यहां पश्चिम बंगाल के तकनीकि शिक्षा मंत्री हुमायूं कबीर उपस्थित थे। इस बैठक में पुर्व बर्द्धमान, बांकुड़ा, पुरुलिया एवं बीरभूम जिले के प्रशाशनिक अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान मंत्री ने प्रशिक्षुओ के आगामी प्लेसमेंट को लेकर उपस्थित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया। एवं विभिन्न जिलों में नौकरी मेला लगाने की बात कही
बैठक समाप्त होने के बाद मंत्री हुमायूं कबीर ने बताया कि उत्कर्ष बांग्ला पहले केवल कारीगरी भवन से संचालित होती थी जिसे हमने अब जिला स्तर से लागू करने का फैसला लिया है। कोलकाता मिलाकर राज्य के कुछ 24 जिलों में इस स्कीम का लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। हर जिले में एक नोडल आफिसर के अलावा हमारे विभाग के लोग भी मौजूद रहेंगे। इस योजना के तहत नौ से 12 कक्षा के विद्यार्थियों के लिए लघु कालीन प्रशिक्षण प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षुओ को तीन से चार महीने की ट्रेनिंग में नौकरी के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षुओ को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। हमारी विभिन्न कंपनियों से इस विषय में बात हुई है, वें अब जिला स्तर से ही रिक्त नियुक्तियों के लिए कर्मचारियों का चयनकर सकेंगे। इस योजना को सभी जिलों में सुचारू रूप से संचालित किया जा सके इसे लेकर आज पांच जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। आगामी 10 अगस्त को दुर्गापुर में जाब फेयर लगाई जाएगी जिसमें 50 से अधिक कंपनियों को न्योता दिया जाएगा। पिछले वर्ष के 31 मार्च को जाब फेयर के माध्यम से 2670 लोगो को नौकरी प्रदान की गई थी। इस बार करीब पांच हजार लोगों को नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्कर्ष बांग्ला के तहत तीन ईमेल आईडी एवं कर्म दिशा नामक एक मोबाइल तैयार किया गया है। इनके जरिए लोग अपना आवेदन कर सकते है। यह डाटा विभिन्न कंपनियों तक भेजा जाएगा। जिसके माध्यम से कंपनियां अपने पसंद के कर्मचारी वही प्रशिक्षु भी अपने मनपसंद कंपनी में नौकरी का आवेदन कर सकेंगे।

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